शिवपुरी l पीडब्ल्यूडी क्रमांक एक के कार्यपालन यंत्री   धर्मेंद्र यादव को गणतंत्र दिवस पर ऊर्जा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया था। अब सोशल मीडिया पर उनके सम्मान को लेकर सवालिया निशान लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर सवाल कर रहे हैं कि जिन्होंने करोड़ों रुपए का घोटाला किया, जिन पर एफआईआर दर्ज हुई उनका राष्ट्रीय पर्व पर किस आधार पर सम्मान किया गया था ..?  लोगों का कहना है कि इस सम्मान का प्रस्ताव भेजने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होना चाहिए। शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने जांच प्रतिवेदन संभागायुक्त को भेजा था। इस प्रतिवेदन में बताया गया कि कार्यपालन यंत्री  लोकनिर्माण विभाग खण्ड क्रमांक 1 धर्मेन्द्र यादव ने वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक 7 करोड़ 15 लाख 75 हजार 911 पांच खातों में हस्तांतरित किए। कार्यपालन यंत्री, संभागीय लेखाधिकारी, सहायक वर्ग 3 एवं आउटसोर्स कंपनियों के ऑपरेटर्स के साथ चार अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई।
डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा ने अपनी जांच में बताया है कि 7 करोड़ के गबन में आरोपी बनाए गए सभी आरोपियों ने वर्ष 2018 से लेकर 2023 के बीच शासकीय खजाने को चपत लगाकर आर्थिक क्षति पहुंचाई है। EE यादव पर यह आरोप है कि उन्होंने अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से नहीं किया और इनकी लापरवाही व संलिप्ता के कारण शासन को 7 करोड़ का नुकसान हुआ है। ग्वालियर संभाग कमिश्नर मनोज खत्री ने कार्यपालन यंत्री, लोकनिर्माण विभाग खण्ड क्रमांक-1 धर्मेन्द्र सिंह यादव को निलंबित कर दिया है। सात करोड़ 15 लाख 911 के गबन में धर्मेंद्र यादव की भूमिका सामने आई है। इस घोटाले के आरोपियों पर शिवपुरी में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।