भोपाल में देश के पहले रेयर अर्थ एवं टाइटेनियम थीम पार्क का उद्घाटन रविवार को किया गया। परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एवं भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव अजीत कुमार मोहंती के द्वारा इस थीम पार्क के उद्घाटन के साथ ही भोपाल अब देश के रेयर अर्थ मानचित्र पर स्थापित हो गया है।भोपाल के आचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 25 एकड़ क्षेत्र में निर्मित थीम पार्क की परिकल्पना 2017 में की गई थी। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि परमाणु ऊर्जा ही सभी ऊर्जा संकटों का एकमात्र समाधान है। उन्होंने टाइटेनियम की असीम संभावनाओं का जिक्र करते हुए यदि इस पर काम किया जाए तो हम चीन से भी आगे निकल सकते हैं। रेयर अर्थ के बारे में प्रदूषण और विकिरण को लेकर अनेक प्रकार की भ्रांतियां फैलाई गई हैं, जिनका लोगों के बीच जागरूकता से समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर इंडियन रेयर अर्थ्स लि.(आईआरईएल) के सीएमडी शारदा भूषण मोहंती और पूर्व सीएमडी डॉ दीपेंद्र सिंह भी विशेष तौर पर उपस्थित थे। भोपाल के इस थीम पार्क की स्थापना की परिकल्पना और संयोजन में डॉ. दीपेंद्र सिंह की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत को खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा 'राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन' के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (आईआरईएल) की यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रदेश के विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।
वरिष्ठ परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक डॉ मोहंती ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि भारत के भविष्य के ऊर्जा संकट, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में परमाणु ऊर्जा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और ऊर्जा मांग को केवल पारंपरिक स्रोतों से पूरा नहीं किया जा सकता, इसलिए परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा मिश्रण में बड़ी हिस्सेदारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है, जिसके कारण बिजली की मांग कई गुना बढ़ेगी। ऐसे में परमाणु ऊर्जा “स्थिर, विश्वसनीय और कार्बन-मुक्त”बिजली का प्रमुख स्रोत बन सकती है। 

क्यों खास होते हैं फास्ट ब्रीडर रिएक्टर

उन्होंने अपने उद्बोधन में 
 कि रेयर अर्थ को लेकर लोगों के बीच अनेक प्रकार की भ्रांतियां व्याप्त हैं जैसे इससे प्रदूषण बढ़ता है और विकिरण की समस्या भी उत्पन्न होती है जबकि अब नई तकनीक के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आगे आने वाला जमाना रेयर अर्थ का ही होगा

धीर गंभीर विषय पर अपने उद्बोधन के दौरान उन्होंने हास्य का भी पुट दिया। उन्होंने बताया कि जब वह युवा थे तो उन्हें भी रेयर अर्थ के बारे में कुछ भी नहीं मालूम था लेकिन अब मैं मानता हूं की रेयर अर्थ सोने और चांदी से भी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, मोहम्मद गजनवी ने सोमनाथ को अनेक बार लूटा और वह हर बार सोना और चांदी लूट कर ले जाता था यदि उसे रेयर अर्थ के बारे में जानकारी होती तो वह गुजरात के बजाय ओड़ीसा पर हमला करता। परमाणु ऊर्जा विभाग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए हम सब प्रकार के अनुसंधान करते हैं। हम बस चंद्रयान नहीं छोड़ते हैं, बाकी सब अनुसंधान करते हैं।


 परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार मोहंती  परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एवं भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव ने देश के पहले रेयर अर्थ एवं टाइटेनियम थीम पार्क का उद्घाटन के बाद कहा कि भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम “ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास” दोनों लक्ष्यों को एक साथ पूरा करने के लिए आवश्यक है। यानी परमाणु ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक आवश्यकता है। भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान क्षमता लगभग 8 गीगावाट से कुछ अधिक है, जिसे अगले दो दशकों में कई गुना बढ़ाने की योजना है। परमाणु ऊर्जा भारत को कोयले पर अत्यधिक निर्भरता से बाहर निकालने में मदद करेगी और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन (2070) के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने स्वदेशी तकनीक, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर, 700 मेगावाट प्रेशराइज्ड हेवी वॉटर रिएक्टर्स और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स को भारत के भविष्य का आधार बताया है। उनका कहा कि भारत अब परमाणु तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। 
निजी क्षेत्र की भूमिका पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाकर परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का तेजी से विस्तार किया जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर निवेश और तकनीकी विकास संभव हो सके। उन्होंने इसके लिए स्टार्टअप्स और निजी उद्योगपतियों को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा ही भारत की “भविष्य की ऊर्जा रीढ़”है। यदि भारत को लगातार बढ़ती बिजली मांग, औद्योगिक विस्तार, स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करनी है, तो परमाणु ऊर्जा का व्यापक विस्तार अनिवार्य होगा।
भोपाल स्थित रेयर अर्थ और टाइटेनियम थीम पार्क की परिकल्पना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले में आईआरईएल के पूर्व सीएमडी डॉ दीपेंद्र सिंह ने विस्तार से बताया कि इस परियोजना ने किस तरह यह रूप हासिल किया। उन्होंने बताया कि पहले यह थीम पार्क ओड़ीसा में प्रचुर संसाधनों के कारण लगाए जाने की योजना बनी थी। परंतु कुछ राजनीतिक विरोध के चलते वहां यह परियोजना संभव नहीं हो सकी। यह बात 2017 की है जब हमने मध्य प्रदेश के बारे में विचार किया। प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में जब चर्चा हुई तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए ऊर्जा विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान को निर्देश दिया की इस परियोजना के लिए तीन दिनों में उपयुक्त भूमि के तीन विकल्प प्रस्तुत किए जाएं और मध्यप्रदेश सरकार की तत्परता के चलते आज हम जिस भूमि पर खड़े हैं वह हमें मिल गई। इसके बाद प्रदूषण की संभावनाओं को भी लेकर काफी चुनौतियां थीं जिन्हें हमने वरिष्ठ स्तर पर चर्चा करके समाधान खोजा।

डॉ दीपेंद्र सिंह ने बताया कि इस परियोजना की कार्यप्रणाली 3पी फ्रेमवर्क पर आधारित है, जो इस प्रकार है-
*प्रक्रिया (प्रोसेस) – दुर्लभ मृदा एवं टाइटेनियम क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों एवं नवाचार उत्पादों का विकास एवं प्रदर्शन।
*प्रदर्शन (पर्फार्मेंस) – उच्च गुणवत्ता वाले औद्योगिक मानकों की स्थापना, जिससे तकनीकों की दक्षता, विश्वसनीयता एवं विस्तार क्षमता सुनिश्चित हो सके।
*मानव संसाधन (पीपुल) – युवाओं एवं पेशेवरों के कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से एक सक्षम कार्यबल तैयार करना।

"प्रयोगशाला से उत्पाद" की अवधारणा:शारदा भूषण मोहंती
अपने उद्बोधन में आईआरईएल के सीएमडी शारदा भूषण मोहंती ने बताया कि यह पार्क पूर्णतः "प्रयोगशाला से उत्पाद" की अवधारणा पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों द्वारा की गई अत्याधुनिक रिसर्च और नवाचारों को सीधे उद्योगों तक पहुँचाना है। रेयर अर्थ एवं टाइटेनियम थीम पार्क को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित तकनीकों को उन्नत स्तर पर ले जाकर उनकी औद्योगिक उपयोगिता प्रदर्शित कर सके। इस पार्क का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र सर्कुलर इकोनॉमी (परिपत्र अर्थव्यवस्था) एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है। यहां पर नियोडिमियम और सेरियम जैसी कीमती धातुओं को बनाने के तरीके दिखाए जाएंगे। साथ ही, यहाँ बेकार हो चुके पुराने चुंबकों (मैग्नेट्स) को रिसाइकिल करके उनसे फिर से कीमती तत्व निकालने की तकनीक भी मौजूद रहेगी। इससे संसाधनों के पुनः उपयोग के माध्यम से दक्षता बढ़ेगी। इससे न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि खनिज क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता भी सुदृढ़ होगी।


भोपाल के आर्किटेक्ट व बिल्डर का सम्मान
भोपाल स्थित रेयर अर्थ एवं टाइटेनियम थीम पार्क की स्थापना और निर्माण में सहयोग करने के लिए परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अजीत कुमार मोहंती ने भोपाल के आर्किटेक्ट शैलेंद्र शर्मा और बिल्डर प्रदीप शर्मा को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर थीम पार्क के जनरल मैनेजर रवि प्रकाश झा ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।