जबलपुर l  कृषि विभाग द्वारा शुरू किया गया ‘जैविक हाट बाजार’ अब किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। शहरवासियों को जहां शुद्ध और रसायन मुक्त सब्जियां मिल रही हैंवहीं किसान मित्रों की आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

इसी पहल से जुड़ी एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है महिला किसान सपना काछी कीजिन्होंने केवल 3 एकड़ भूमि में जैविक खेती कर 6 माह में 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

जबलपुर निवासी सपना काछी लंबे समय से अपने खेत में जैविक खेती कर रही थीं। खेत में मेहनत तो भरपूर होती थीलेकिन उपज का सही मूल्य नहीं मिलने से आय सीमित रह जाती थी। कई बार बिचौलियों के कारण मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था।

लेकिन जिला प्रशासन और कृषि विभाग की पहल पर शुरू हुए ‘जैविक हाट’ से जुड़ने के बाद सपना काछी की जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली। अब वे हर सप्ताह सीधे ग्राहकों तक अपने खेत की ताजीशुद्ध और रसायन मुक्त सब्जियां पहुंचा रही हैं।

सपना काछी बताती हैं कि अब उन्हें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती और उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे उन्हें मिल रहा है।

हर सप्ताह बढ़ रहा मुनाफा

जैविक उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ा है। वर्तमान में सपना काछी को हर सप्ताह लगभग 4 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। पिछले 6 माह में वे ‘जैविक हाट’ के माध्यम से 1 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं।

इस अतिरिक्त आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई हैबल्कि जैविक खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास और उत्साह भी कई गुना बढ़ गया है।

उपभोक्ताओं के लिए भी बना भरोसे का बाजार

जैविक हाट’ किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है। यहां लोगों को बिना रसायन और मिलावट वाली ताजी सब्जियां एवं अन्य जैविक उत्पाद उचित मूल्य पर आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

आत्मनिर्भर किसान बनने की दिशा में बड़ी पहल

महिला किसान सपना काछी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘जैविक हाट’ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

उन्होंने कहा कि यह पहल जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग का यह प्रयास अब किसानों के लिए उम्मीद और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनता जा रहा है।