भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। दतिया विधानसभा के विधायक का निर्वाचन शून्य घोषित हो चुका है, वहीं विजयपुर विधायक को कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए अयोग्य बताया है। इस हिसाब से वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। इस लिहाज से एक उम्मीदवार को जीतने के लिए पहली वरीयता के 58 वोटों की जरूरत पड़ेगी। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63  विधायक हैं। वहीं, एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार हैं। अगर दोनों पक्षों से क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो भाजपा अपने दो उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकती है। वहीं, कांग्रेस भी अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को जिता सकती है। भाजपा को अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए 116 प्रथम वरीयता के वोट की जरूरत पडे़गी। इसके बाद भी भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। यानी तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोट की जरूरत होगी। बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के रिश्ते पार्टी से ठीक नहीं हैं। वहीं, डोडियार का वोट अगर भाजपा उम्मीदवार को मिलता है और कांग्रेस के नौ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो मामला पलट जाएगा।

उधर, कांग्रेस में अभी 63 विधायक हैं क्योंकि विजयपुर के विधायक मतदान के लिए अयोग्य हैं।ऐसे में कांग्रेस के पास 63 विधायक यानी अतिरिक्त पांच वोट हैं।  कांग्रेस के छह विधायकों ने अगर क्रॉस वोटिंग कर दी तो तीसरी सीट पर फैसला दूसरी वरीयता के वोटों से होगा। इस स्थिति में भी भाजपा के फायदे में रह सकती है। वहीं, दूसरी ओर अगर कांग्रेस भी सत्ता पक्ष के विधायकों में सेंध लगाने में कामयाब होती है लड़ाई और रोचक हो सकती है।