कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस खेमे में जहां जश्न का माहौल ला दिया है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन के सामने कई असहज करने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव में न सिर्फ कांग्रेस ने 8 में से 5 सीटों पर बाजी मारी है, बल्कि विपक्षी खेमे में हुई भारी क्रॉस-वोटिंग ने गठबंधन की अंदरूनी एकजुटता की कलई खोलकर रख दी है।अपने पांच उम्मीदवारों की जीत पक्की करने के लिए, कांग्रेस को first-preference के 140 वोटों की ज़रूरत थी। हालांकि, जब वोटों की गिनती हुई, तो पार्टी के उम्मीदवारों को कुल 151 वोट मिले। 11 वोटों की इस अप्रत्याशित बढ़त ने इस अटकल को हवा दी है कि चुनाव के दौरान BJP और JD(S) के विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट किया।