भोपाल -12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त भोपाल श्री कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, योग साधक, युवा एवं नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कोलकाता से प्रसारित योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि आज पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और विश्व के लगभग 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा रिकॉर्ड समय में भारत के प्रस्ताव को स्वीकृति देकर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व का प्रमाण है।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक कल्याण के परस्पर संबंध को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश को स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रयास कर रही है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर ने नागरिकों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ कर स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां—आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी—समग्र स्वास्थ्य एवं निरोग जीवन का आधार हैं। अपर मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने कहा कि इन पद्धतियों के साथ योग भारतीय जीवन पद्धति का ऐसा अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने और स्वस्थ, प्रसन्न एवं ऊर्जावान जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास किया तथा योग को स्वस्थ जीवन शैली का आधार बनाने का संकल्प लिया।