जबलपुर में खराब सड़क का खामियाजा एक गर्भवती महिला को अपनी और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान देकर चुकाना पड़ा। प्रसव पीड़ा होने पर आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से गर्भवती महिला को करीब एक किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने और उपचार में देरी के कारण महिला की हालत गंभीर हो गई। बाद में उपचार के दौरान महिला और उसके गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत हो गई।ममता कुशवाह साढ़े सात माह की गर्भवती थीं। शुक्रवार शाम उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। लेकिन महिला के घर से मुख्य मार्ग तक जाने वाली सड़क अत्यंत खराब होने के कारण कोई भी किराये का वाहन अंदर आने को तैयार नहीं हुआ।परिजनों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने महिला को लगभग एक किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से किराये के ऑटो की मदद से उन्हें एल्गिन अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने तक महिला को सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। हालत गंभीर होने पर एल्गिन अस्पताल से उन्हें शासकीय मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया। मेडिकल अस्पताल में महिला को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। गर्भ में पल रहे शिशु को भी नहीं बचाया जा सका।