जिला विकास अधिकारी नाबार्ड ने महिलाओं के साथ चक्की चलाई और खुशहाली के गीत गाकर बढ़ाया उत्साह
विदिशा। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के वित्तीय सहयोग से विदिशा जिले के ग्राम भटखेड़ी में महिलाओं के लिए संचालित एलईडीपी (Livelihood Enterprise Development Programme) के अंतर्गत 10 दिवसीय प्रशिक्षण के प्रथम बैच का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इस कार्यक्रम का संचालन भोपाल स्थित संस्था सेंटर फॉर इनोवेशन एंड डेवलपमेंट असिस्टेंस (सीडा) द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से 30 महिलाओं को पत्थर की चक्की आधारित उद्यम के संचालन, मल्टी ग्रेन आटा, दाल, विभिन्न प्रकार के मसाले, बेसन तथा अन्य खाद्य उत्पादों के उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, आकर्षक पैकेजिंग और विपणन संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन समारोह में नाबार्ड की उप महाप्रबंधक एवं जिला विकास प्रबंधक सुश्री जगप्रीत कौर साबरवाल एवं नाबार्ड के दो प्रोबेशनरी ऑफिसर्स, भारतीय स्टेट बैंक से श्री बीएस बघेल, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), खामखेडा के शाखा प्रबंधक, श्री शिवपाल यादव सहित सीडा के निदेशक राजीव विश्वकर्मा, तकनिकी अधिकारी श्री अनूप तिवारी, कार्यक्रम सहायक श्री नितेश कुशवाहा, श्री मनीष कुशवाहा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली सभी महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उस समय रहा जब नाबार्ड की उप महाप्रबंधक सुश्री जगप्रीत कौर साबरवाल ने महिलाओं के साथ स्वयं पत्थर की चक्की चलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान महिलाओं ने खुशहाली और आत्मनिर्भरता के गीत गाए तथा अधिकारियों ने भी उनके साथ सहभागिता करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। नाबार्ड की सहायक प्रबंधकों ने भी महिलाओं के साथ चक्की संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में उद्यमिता और आजीविका संबंधी कौशल विकसित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही, उपभोक्ताओं तक पारंपरिक पत्थर की चक्की से पिसे हुए पौष्टिक एवं मोटे अनाजों से बने स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद उपलब्ध कराकर स्वस्थ जीवनशैली और स्थानीय खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देना भी इसका महत्वपूर्ण लक्ष्य है।


