जिला स्वास्थ्य समिति बैठक से पूर्व सीएमएचओ की सख्त समीक्षा
खरगोन। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दौलतसिंह चैहान की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे विभिन्न कार्यक्रमों, पोर्टल आधारित कार्यों तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी और मलेरिया नियंत्रण से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान मेडलेपर पोर्टल पर भीकनगांव, बरुड, करही एवं जिला चिकित्सालय खरगोन के लंबित एम.एल.सी. प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संस्था प्रभारियों को आगामी 15 दिवस में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में नवनियुक्त चिकित्साधिकारियों की मेडलेपर आईडी शीघ्र बनाने एवं आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सिकल सेल पीडित 44 गर्भवती महिलाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। जिनका आगामी माह में प्रसव संभावित है, उन्हें 15 दिवस पूर्व कॉल कर संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने तथा प्रसव से 07 दिवस पूर्व बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त जिले के समस्त प्रसव केंद्रों पर क्षेत्रवार गर्भवती महिलाओं की सूची मोबाइल नंबर सहित चस्पा करने के निर्देश दिए गए।
क्षय नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिले में अब तक 21,249 मरीजों की स्क्रीनिंग होने की जानकारी दी गई। विकासखंड गोगावां, झिरन्या एवं कसरावद में स्क्रीनिंग कम पाए जाने पर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएम प्रगति शिविरों के माध्यम से सिकल सेल स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड निर्माण, टीबी जांच, एक्स-रे, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, शत-प्रतिशत एएनसी जांच एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में कमी पाए जाने पर विकासखंड भीकनगांव, गोगावां, खरगोन एवं कसरावद को 07 दिवस में पंजीयन पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान प्रथम ट्राइमेस्टर से ही कर उनके सुरक्षित प्रसव के लिए समय पर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी बीएमओ को उप स्वास्थ्य केंद्रों तक मलेरिया टेस्टिंग किट उपलब्ध कराने, प्रत्येक विकासखंड में कॉम्बेट टीम गठित करने तथा किसी भी संभावित आउटब्रेक की स्थिति में त्वरित उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल एवं जिला चिकित्सालय में डेंगू आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला स्तरीय कार्यक्रम अधिकारी, नोडल अधिकारी, समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, खंड विस्तार प्रशिक्षक, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर तथा सहयोगी संस्थाएंकृअंतरा फाउंडेशन सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।


