जबलपुर। 

कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्यप्रदेश भोपाल की अध्यक्षता में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा तथा खरीफ 2026 की तैयारियों के संबंध में जबलपुर एवं सागर संभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग के साथ उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से मुख्य फसलों के क्षेत्राच्छादन में वृद्धि, किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, बीज प्रतिस्थापन दर के अनुसार आवश्यक बीज व्यवस्था तथा अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके साथ ही विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति, एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन और कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं की स्थिति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में नरवाई प्रबंधन को प्रभावी बनाने के साथ-साथ कृषि उपज मंडियों में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। किसानों को मंडी प्रांगण में कम समय में बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने, पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार, मत्स्य पालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, पर्ल कल्चर को प्रोत्साहित करने तथा सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कर पशुधन की नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने जैसे विषय भी बैठक के प्रमुख बिंदु रहे।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को खरीफ सीजन की तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में विभागाध्यक्षों के अलावा जबलपुर एवं सागर संभाग के संभागायुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।