सीधी l भारत सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा एवं उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 हेतु नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। जिला शिक्षा केन्द्र सीधी ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों तथा शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों से पात्र बच्चों की पहचान कर उनके प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में भेजने के निर्देश दिए हैं।

जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र ने बताया कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन बच्चों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां प्राप्त कर समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। पुरस्कार का उद्देश्य प्रतिभाशाली बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को पहचान दिलाना तथा अन्य बच्चों को भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2026 की स्थिति में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र होंगे। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, कमजोर वर्गों तथा दिव्यांग बच्चों की उत्कृष्ट उपलब्धियों की पहचान कर उनके नामांकन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समाज के सभी वर्गों की प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सके।

भारत सरकार के पोर्टल पर नामांकन की प्रक्रिया 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन संचालित रहेगी। इसके लिए जिले के सभी विकासखंडों में व्यापक स्तर पर प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करने का अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को अपने विकासखंड से कम से कम पांच पात्र बच्चों के प्रस्ताव तैयार कर जिला शिक्षा केन्द्र को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

नामांकन प्रस्ताव के साथ बच्चों की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण, उपलब्धियों से संबंधित प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेख, उच्च गुणवत्ता के फोटोग्राफ तथा आवश्यकतानुसार वीडियो भी संलग्न किए जाएंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर उनके कार्यों का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।

जिला परियोजना समन्वयक ने सभी विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के ऐसे बच्चों की पहचान करें, जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में असाधारण कार्य कर जिले का नाम गौरवान्वित किया हो। उन्होंने कहा कि अनेक बार ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं उचित जानकारी के अभाव में राष्ट्रीय मंच तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी सक्रिय भूमिका निभाते हुए योग्य बच्चों के प्रस्ताव तैयार कराएं।

जिला शिक्षा केन्द्र ने निर्देश दिए हैं कि पात्र बच्चों के संपूर्ण प्रस्ताव 20 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला शिक्षा केन्द्र में उपलब्ध करा दिए जाएं, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर भारत सरकार के पोर्टल पर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जा सके।