उज्‍जैन । आगामी सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की संवेदनशीलता, सुरक्षा व्यवस्था और व्यापक आपदा प्रबंधन तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से,पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन, मध्यप्रदेश ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में उज्जैन जिले का दो दिवसीय दौरा किया।

इस विस्तृत प्रशासनिक दौरे का मुख्य ध्येय महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की त्रिस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करना, आपातकालीन संचार प्रणालियों को सुदृढ़ करना तथा किसी भी प्रकार की आकस्मिक जल-जनित या संरचनात्मक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए शत-प्रतिशत प्रशासनिक तैयारियों को समय-सीमा में अमलीजामा पहनाना है। दौरे के प्रथम चरण में रविवार को दोपहर पश्चात महानिदेशक का पवित्र नगरी उज्जैन में आगमन हुआ, जहाँ पुलिस ऑफिसर मैस में प्रशासनिक एवं विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनकी आगवानी की गई।

इसके उपरांत, संध्या काल में महानिदेशक महोदया ने भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर दर्शन एवं विधिवत शासकीय पूजन-अर्चन कर सिंहस्थ के आपदा मुक्त आयोजन हेतु की कामना की। इस दौरान उन्होंने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिकोण से मंदिर की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा व्यवस्था का अत्यंत बारीकी से स्थलीय अवलोकन किया।

दौरे के द्वितीय दिवस सोमवार को महानिदेशक महोदय के मुख्य आतिथ्य में कालिदास अकादमी के मुख्य सभागार में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के संबंध में एक उच्च स्तरीय संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह शामिल हुए ।

कार्यक्रम का संचालन, जिला सेनानी श्री संतोष कुमार जाट द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम आपदा मित्रों एवं सिविल डिफेन्स वॉलेन्टियर्स के अनुभव को मंच से साझा किया गया, इस दौरान जब 01 आपदा महिला मित्र को अपने अनुभव साझा करने के दौरान झिझक एवं घबराहट महसूस हुई, तब स्वयं महानिदेशक महोदया ने उनके निकट आकर उनका हौसला व मनोबल बढाया।

 

कुछ आपदा मित्रों ने प्रयाज्ञराज के महाकुंभ में गतवर्ष दी गई अपनी सेवाओं के अनुभवों को साझा किया, और वहां के अपने अनुभव सुनाये। इस वृहद संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह द्वारा सिंहस्थ-2028 की व्यापक योजना, घाट प्रबंधन, भीड प्रबंधन, सेटेलाईट टाउंन मार्ग व्यवस्था इत्यादि के बारे में बताते हुये, कहा कि नागरिक सुरक्षा के सिविल डिफेंस वालंटियर्स, आपदा मित्रों और होमगार्ड के सैनिक जिस प्रकार पूर्व मानसून एवं विभिन्न पर्वों में जीरो कज्यूअल्टी सुनिश्चित कर डियूटी सम्पादित की है, वह सराहनीय है, और निश्चित ही आगामी सिंहस्थ का आपदा मुक्त सफल आयोजन सुनिश्चित करेगें।

 

इनके पश्चात महानिदेशक महोदया ने सिविल डिफेंस वालंटियर्स, आपदा मित्र एवं होमगार्ड सैनिकों की महती भूमिका को रेखांकित किया तथा आगामी मानसून सत्र में संभावित जल-जनित आपदाओं के समय त्वरित मोचन एवं राहत कार्यों की सुदृढ़ कार्ययोजना पर विस्तृत विमर्श किया गया। साथ ही स्पष्ट किया कि सिंहस्थ-2028 न केवल एक महान धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह हमारे आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा तंत्र की तत्परता एवं दक्षता को प्रदर्शित करने का सबसे बड़ा अवसर भी है।

 

अतः सभी बल निष्काम सेवा, आपदा-मुक्त आयोजन के सिद्धांतों के साथ अपनी कार्यकुशलता को निखारें, साथ ही कहा कि सिविल डिफेंस वालंटियर्स, आपदा मित्र एवं होमगार्ड एक संयुक्त परिवार है, जिसे संवेदनशील होकर आपदा के क्षेत्र में एक साथ कार्य करना है। तत्पश्चात संभागीय सेनानी श्री रोहिताश पाठक द्वारा उपस्थित अधिकारी / कर्मचारी, सिविल डिफेन्स, आपदा मित्र एवं होमगार्ड जवानों को निस्वार्थ भाव से सिंहस्थ 2028 में अपनी सवाऐं देने का संकल्प दिलवाया। इसके पश्चात कार्यक्रम का आभार संभागीय सेनानी श्री रोहिताश पाठक द्वारा किया गया।

 

इसके तुरंत बाद, महानिदेशक महोदया ने क्षिप्रा नदी के दोनों तटों पर निर्मित एवं निर्माणाधीन लगभग 30 किलोमीटर लंबे नवीन घाटों का भ्रमण व निरीक्षण किया, नवनिर्मित त्रिवेणी मंदिर के निकट घाट का अवलोकन कर घाटों में सुरक्षा रेलिंग तथा गहरे पानी के चेतावनी संकेतकों की स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तत्पश्चात, आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक तैयारियों को धरातल पर परखने के लिए दोपहर पवित्र रामघाट पर महानिदेशक महोदय द्वारा होमगार्ड एवं एसडीआरएफ के सैनिकों के लिए आयोजित 07 दिवसीय विशेष बाढ़ बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया, जिसमें अत्याधुनिक मोटर बोट, गहरे पानी में खोजबीन करने वाले उपकरणों ड्राय रेस्क्यू और तैराकी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

 

महानिदेशक महोदया ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सिंहस्थ-2028 की अंतर-विभागीय तैयारियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक की जिसमें आपातकालीन योजनाओं की रणनीतियों पर गहन प्रशासनिक विमर्श किया गया और अधिकारियों को विभिन्न विभागों के साथ त्वरित समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये।

 

निरीक्षण की इसी कड़ी में दोपहर उन्होंने होमगार्ड कैंपस उज्जैन का रुख किया, जहाँ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा सिंहस्थ के दृष्टिगत निर्मित किए जा रहे आधुनिक प्रशासनिक भवनों व आवासीय ढांचों की भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्य को समय पर पूर्ण करने की हिदायत दी। दौरे के अंतिम पड़ाव में, होमगार्ड लाइन उज्जैन में आयोजित विशेष सैनिक संवाद के दौरान उन्होंने होमगार्ड / एसडीईआरएफ जवानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी विभाग से संबंधित समस्याओं को सुना व त्वरित वैधानिक निराकरण का आश्वासन दिया तत्पश्चात पर्यावरण संरक्षण के संदेश देने के उद्देश्य से होमगार्ड लाइन परिसर में वृक्षारोपण कर अपने इस अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल दो दिवसीय शासकीय दौरे को पूर्ण विराम दिया।