सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत मोंटफोर्ट स्कूल में विद्यार्थियों हेतु साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भोपाल l पुलिस महानिदेशक म.प्र द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज मोंटफोर्ट स्कूल, भोपाल में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना था, जिससे वे स्वयं सुरक्षित रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक कर सकें।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्रीमती मिनी शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा श्रीमती अदिती बी. सक्सेना, साइबर एक्सपर्ट श्री शोभित चतुर्वेदी, चौकी प्रभारी आनंद नगर श्री संतोष रघुवंशी सहित थाना पिपलानी का पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी दी गई तथा इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग करने के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि गूगल पर दिखाई देने वाला प्रत्येक कस्टमर केयर नंबर वास्तविक नहीं होता। साइबर ठग नकली कस्टमर केयर नंबरों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर बैंक संबंधी जानकारी, OTP, CVV, PIN, MPIN अथवा स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर उनके बैंक खातों से धनराशि निकाल लेते हैं। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी संस्था का संपर्क नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप से ही प्राप्त करें तथा कॉल करने से पूर्व नंबर का सत्यापन अवश्य करें।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को यह भी जागरूक किया गया कि किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल, मैसेज, QR कोड अथवा APK/App पर विश्वास न करें और न ही उन्हें डाउनलोड करें। अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी जैसे OTP, CVV, PIN, पासवर्ड या स्क्रीन शेयरिंग किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया पर प्राप्त आकर्षक ऑफर, इनाम, निवेश, नौकरी या अन्य किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आने से बचें तथा किसी भी ऑनलाइन जानकारी पर विश्वास करने से पूर्व उसकी पुष्टि अवश्य करें।
विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी फिशिंग लिंक, फर्जी कस्टमर केयर, डिजिटल अरेस्ट, KYC अपडेट, पार्सल, लॉटरी, निवेश, सोशल मीडिया एवं डीपफेक वीडियो जैसे अनेक तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे किसी भी संदेश, वीडियो कॉल या फोन कॉल पर बिना सत्यापन कोई कार्रवाई न करें तथा मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और समय-समय पर उसे बदलते रहें।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि यदि वे अथवा उनके परिजन किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in� पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। शिकायत करते समय घटना का विवरण, समय, संबंधित मोबाइल नंबर, लिंक, स्क्रीनशॉट एवं लेन-देन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर थाना में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें संकल्प दिलाया गया कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करेंगे, अपने परिवार एवं मित्रों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देंगे।
"सावधान रहें, सुरक्षित रहें — सुरक्षित क्लिक करें, सुरक्षित भविष्य बनाएं।"


