Safe click 2.0 - भोपाल पुलिस ने दिखाया महा पराक्रम
भोपाल पुलिस का महा-अभियान: 'Safe click 2.0' के तहत साइबर अपराधियों पर कड़ा प्रहार, मात्र 8 दिनों में 20,000 (बीस हजार) से अधिक नागरिक और छात्र हुए 'साइबर स्मार्ट'
भोपाल l पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार संचालित प्रदेश व्यापी अभियान safe click 2.0 के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में नगरीय पुलिस भोपाल के आला अधिकारियों के नेतृत्व में राजधानी भोपाल में एक अभूतपूर्व क्रांति का रूप ले लिया है। साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को डिजिटल ठगों से सुरक्षित करने के उद्देश्य से भोपाल पुलिस मैदान में उतर चुकी है।
इस महा-अभियान के तहत पिछले 8 दिनों (दिनांक 01.07.2026 तक) में भोपाल नगरीय पुलिस ने जन-जागरूकता का एक ऐसा कीर्तिमान रचा है, जिसने सुरक्षा के मायनों को एक नई ऊंचाई दी है।
आंकड़ों की जुबानी: भोपाल पुलिस के जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात एक करके इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया है। अभियान की सफलता को दर्शाते मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:-
अभियान की मुख्य कड़ियां कुल संख्या/सहभागिता-
कुल अवधि 08 दिवस (24 जून से 01 जुलाई 2026 तक)
मैदान में उतरे पुलिस 1,177 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी
आयोजित कार्यक्रम- 335 से अधिक
(जागरूकता सत्र, नुक्कड़ नाटक, रैलियां)
लक्षित संस्थान* विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेज, शिक्षण संस्थान, शासकीय कार्यालय, बैंक आदि
जागरूक किए गए नागरिक व छात्र- लगभग 20000+
नुक्कड़ नाटक और रैलियों से थमी साइबर अपराधियों की चाल
पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर भोपाल पुलिस के विभिन्न थानों के रिमेंबर रेस्ट पुलिस अधिकारियों और जवानों ने रचनात्मकता का अनूठा उदाहरण पेश किया।
नुक्कड़ नाटकों के जरिए जीवंत संदेश: पुलिसकर्मियों ने स्वयं कला की कमान संभाली और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेहद सरल और रोचक अंदाज में वित्तीय धोखाधड़ी, हनीट्रैप, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी गंभीर चुनौतियों से बचने के गुर सिखाए।
साइबर जागरूकता रैलियां: शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्ततम इलाकों में पुलिस की गूंजती आवाजों और गगनभेदी नारों के साथ रैलियां निकाली गईं, जिसने हर राहगीर को ठगी के खिलाफ सचेत रहने की प्रेरणा दी।
बैंक, कॉलेज और दफ्तरों में 'सुरक्षा कवच' तैयार
भोपाल पुलिस की टीमों ने शहर के हर संवेदनशील कोने को कवर किया। बैंकों में जाकर ग्राहकों और स्टाफ को सुरक्षित बैंकिंग के तरीके बताए गए, तो वहीं शासकीय कार्यालयों में डिजिटल डेटा सुरक्षा पर मंथन हुआ। युवाओं और विद्यार्थियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए कॉलेजों में विशेष वर्कशॉप आयोजित की गईं, जहां युवाओं को "एक गलत क्लिक... और सब खत्म" का मूलमंत्र देकर सतर्क रहने की शपथ दिलाई गई।
भोपाल पुलिस का संदेश:-
> "डिजिटल युग में आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। भोपाल पुलिस हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर बिना सोचे-समझे *सिर्फ क्लिक' न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!"


