श्रीनगर । इफको,मध्य प्रदेश द्वारा 18 से 21 जून 2026 तक श्रीनगर में आयोजित अन्तःसेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विपणन निदेशक डॉ. योगेन्द्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रबंधन, विपणन, तकनीकी नवाचार एवं कृषि विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
अपने संबोधन में डॉ. योगेन्द्र कुमार ने नैनो उर्वरकों के विकास, उनकी उपलब्धियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों का विकास वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार का परिणाम है तथा भविष्य में कृषि क्षेत्र में इनके उपयोग में तीव्र वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों में नैनो उर्वरकों की उपयोगिता तथा किसानों को प्राप्त होने वाले आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों पर भी विशेष चर्चा की।
डॉ. कुमार ने एनपीके कंसोर्टिया, पीएसबी कल्चर एवं बायोडीकंपोजर जैसे जैव उर्वरकों के उपयोग को किसानों के बीच बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के नियमित उपयोग से मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ेगी, मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा तथा दीर्घकालीन कृषि उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य प्रबंधक श्री अभिषेक ने पीओएस (POS) के माध्यम से बिक्री बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए नैनो एवं अन्य उर्वरकों के प्रभावी लिक्विडेशन हेतु विशेष प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिक से अधिक सेंटर विकसित करने, विपणन नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने तथा किसानों तक उत्पादों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। किसानों की जियो-फेंसिंग एवं जियो-टैगिंग के माध्यम से गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा कृषि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया।
श्री ओमप्रकाश कुमार, जॉइंट जनरल मैनेजर (कमर्शियल), द्वारा वीएलटीएस (VLTS) प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। उन्होंने मध्य प्रदेश क्षेत्र को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में सर्वप्रथम इफको द्वारा वीएलटीएस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जो संगठन की कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता को नई दिशा प्रदान करेगा।
श्री आर.के.एस. राठौर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, इफको ई-बाजार लिमिटेड ने इफको ई-बाजार केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, समस्याओं के त्वरित समाधान तथा किसानों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने हेतु क्षेत्रीय अधिकारियों के सहयोग पर बल दिया। श्री रजनीश पाण्डेय, उप महाप्रबंधक ने स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ लॉजिस्टिक व्यवस्था विकसित करने तथा उत्पादों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से समयबद्ध लिक्विडेशन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री ऋषभ रिक्की, मुख्य प्रबंधक ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपलब्ध ड्रोन संसाधनों के प्रभावी संचालन एवं अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान समस्त प्रतिभागियों ने पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने-अपने जिलों में खरीफ एवं रबी सीजन की प्रमुख फसलों, ब्लॉक-स्तरीय कृषि परिदृश्य तथा विभिन्न उत्पादों की संभावित बिक्री रणनीतियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजनाओं एवं बिक्री रणनीतियों की समीक्षा करते हुए डॉ. योगेन्द्र कुमार ने आवश्यक सुझाव प्रदान किए तथा आगामी सीजन के लिए विभिन्न लक्ष्यों का निर्धारण किया।
कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डॉ. दिनेश कुमार सोलंकी, राज्य विपणन प्रबंधक (मध्य प्रदेश) ने आश्वस्त किया कि विपणन निदेशक द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ एवं रबी सीजन में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बढ़-चढ़कर विभिन्न कृषि एवं विपणन गतिविधियों में सहभागिता करेंगे तथा विशेष रूप से नैनो उत्पादों सहित इफको के विभिन्न उत्पादों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु समर्पित प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में नैनो उर्वरकों, जैविक उत्पादों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश क्षेत्र के 48 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न तकनीकी, विपणन एवं प्रबंधन संबंधी विषयों पर सक्रिय रूप से चर्चा करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा संगठन के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। 
कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों को अपनाते हुए अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने तथा किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ओमशरण तिवारी द्वारा किया गया तथा अंत में सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।