बालाघाट l किसानों के हितों की सुरक्षा एवं कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने वारासिवनी के एक कृषि आदान विक्रेता के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी कीटनाशकों का भंडारण एवं अन्य गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान का कीटनाशक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया गया है।  उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास एवं जिला अनुज्ञापन अधिकारी फूलसिंह मालवीय द्वारा जारी आदेश के अनुसार 29 जून 2026 को अनुविभागीय दंडाधिकारी वारासिवनी, तहसीलदार एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मे. कन्हैयालाल रुसिया, प्रो. उत्तम प्रकाश रुसिया, वार्ड क्रमांक-14, वारासिवनी के प्रतिष्ठान में विभिन्न कंपनियों के कई कीटनाशक उनकी उपयोग अवधि (एक्सपायरी डेट) समाप्त होने के बाद भी बिक्री के लिए भंडारित पाए गए।     

 निरीक्षण दल ने यह भी पाया कि प्रतिष्ठान संचालक मौके पर स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय बिल फाइल तथा अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसे कीटनाशक अधिनियम, 1968 तथा कीटनाशक नियमावली, 1971 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन माना गया। जनहित एवं कृषक हित को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 14 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लाइसेंस क्रमांक RS/457/1408/158/2018 (16) को तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान को कीटनाशक दवाओं के क्रय, विक्रय, प्रदर्शन एवं परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।       

 विभाग ने संबंधित लाइसेंसधारी को सात दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने अथवा उपस्थित न होने की स्थिति में लाइसेंस निरस्तीकरण सहित वैधानिक कार्रवाई एकपक्षीय रूप से की जाएगी।