पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले ईवीएम को लेकर आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। गुरुवार रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अचानक सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यह वही जगह है जहां भवानीपुर सीट की ईवीएम मशीनें रखी गई हैं। मुख्यमंत्री देर रात तक वहां मौजूद रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कई स्थानों से ईवीएम में गड़बड़ी की जानकारी मिली है, जिसके बाद वह खुद स्थिति देखने पहुंचीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआत में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन निर्वाचन नियमों के अनुसार उम्मीदवार और चुनाव एजेंट को सील कक्ष तक जाने की अनुमति होती है। बाद में उन्होंने संबंधित अधिकारी से अनुमति लेकर अंदर प्रवेश किया। उनके इस कदम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर संदेह जताना मुख्यमंत्री की पुरानी आदत है और यह उनकी संभावित हार के डर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव से पहले ऐसे आरोप लगाना तृणमूल कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा बन चुका है।नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां मतगणना से पहले ईवीएम और वीवीपैट मशीनें रखी गई हैं। देखा जाये तो इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है। एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक नाटक बता रही है। चार मई को होने वाली मतगणना से पहले दोनों दलों के बीच अविश्वास का यह माहौल प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए भी चुनौती बन गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मतगणना शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होती है या नहीं।