भोपाल l दवा की पैकिंग पर दिए गए क्यूआर कोड को अपने फोन के कैमरे से स्कैन करें। जैसे ही स्कैन पूरा होगा, दवा से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी आपके मोबाइल स्क्रीन पर दिखने लगेगी। इसमें बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और कंपनी का लाइसेंस नंबर शामिल होता है। यह प्रक्रिया केवल कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है और आपको दवा की सच्चाई का पता चल जाता है।

स्कैन करने के बाद जो जानकारी आपके फोन पर दिखाई देती है, उसे दवा की पैकिंग पर छपी जानकारी से मिलाना जरूरी है। अगर दोनों जानकारियां बिल्कुल एक जैसी हैं, तो समझिए कि दवा असली है और इसे इस्तेमाल करना सुरक्षित है।

लेकिन अगर स्क्रीन पर “No Record Found” दिखे या जानकारी मेल नहीं खाती है, तो सावधान हो जाएं। ऐसी स्थिति में उस दवा का उपयोग तुरंत बंद कर दें और इसकी जानकारी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) को दें। यह कदम आपके और दूसरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।