कृषक वर्ष किसान कल्याण के लिए समर्पित- कृषि मंत्री श्री कंषाना
मुरैना स्थित एक निजी होटल में कृषि मंत्री श्री कंषाना ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित उद्योगों के लिए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘ज्ञान-दो (GYAN+DO)’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के साथ अधोसंरचना एवं औद्योगिकीकरण को केंद्र में रखा गया है।
मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत प्रतिपूर्ति हेतु ₹5,276 करोड़ का प्रावधान किसानों को बड़ी राहत देगा। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए ₹335 करोड़ तथा समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
श्री कंषाना कहा कि सहकारी बैंकों के माध्यम से आपातकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए ₹720 करोड़ तथा ‘प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना’ के अंतर्गत ₹3,000 करोड़ की लागत से एक लाख सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य प्रदेश के किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएगा।
पशुपालन क्षेत्र को सशक्त करने हेतु ₹2,364 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें गौ-संवर्धन एवं मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इससे किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत सुदृढ़ होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
श्री कंषाना ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹14,742 करोड़ तथा ग्रामीण सड़क नेटवर्क विस्तार के लिए बड़े प्रावधान से कृषि उत्पादों के परिवहन एवं विपणन को गति मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट किसानों की समृद्धि, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और ग्रामीण विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। यह बजट ‘समृद्ध किसान – विकसित मध्य प्रदेश’ के संकल्प को साकार करेगा।



