जबलपुर l वर्तमान दौर में जब खेती-किसानी अनिश्चित मौसम के जोखिमों से घिरी रहती है, भारत सरकार द्वारा विकसित तीन प्रमुख मोबाइल एप्लिकेशन-'मौसम', 'मेघदूत' और 'दामिनी'-किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान की संयुक्त पहल से बने ये ऐप खेती को वैज्ञानिक आधार देने के साथ-साथ किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

उप संचालक कृषि, जबलपुर उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करके किसान अपनी फसल सुरक्षा और पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन भी जिले के किसानों को इन ऐप्स के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे बदलते मौसम की चुनौतियों का सामना मजबूती से कर सकें।

'मौसम' ऐप :- खेती का वैज्ञानिक सलाहकार

'मौसम' ऐप किसानों को उनके क्षेत्र के अनुसार सटीक मौसम का पूर्वानुमान देता है। अगले 7 दिनों का मौसम अपडेट मिलने से किसान सिंचाई, खाद और कीटनाशकों के छिड़काव का सही निर्णय ले सकते हैं। इसमें लाइव रडार और सैटेलाइट इमेजरी की सुविधा है। यह ऐप सरकारी होने के कारण निजी ऐप्स की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय है।

'मेघदूत' ऐप - फसल सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन

यदि 'मौसम' ऐप मौसम बताता है, तो 'मेघदूत' यह बताता है कि उस मौसम में खेती कैसे करें। हर मंगलवार और शुक्रवार को कृषि वैज्ञानिक फसलों की देखभाल, बुवाई, कटाई और पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण सलाह अपडेट करते हैं। यह ऐप अनावश्यक खर्च को बचाने और जोखिम कम करने में मदद करता है। यह क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे सामान्य किसान भी इसे आसानी से समझ सकते हैं।

'दामिनी' ऐप- आकाशीय बिजली से जीवन रक्षा :-

ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली का खतरा सबसे अधिक होता है। 'दामिनी' ऐप इसी जोखिम को कम करने के लिए बनाया गया है। दामिनी ऐप आपके स्थान के 20-40 किमी के दायरे में बिजली गिरने की संभावना को 30-40 मिनट पहले ही भांप लेता है। एप पर लाल संकेत मिलने का अर्थ है कि 7 मिनट के भीतर बिजली गिरने की संभावना है, जिससे किसान को तुरंत पक्के सुरक्षित स्थान पर जाने का समय मिल जाता है। उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे के अनुसार इन तीनों ऐप का उपयोग करने से खेती न केवल सुरक्षित होती है, बल्कि लागत कम होने से मुनाफा भी बढ़ता है। ये सभी ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने जिले के किसानों से अपील है कि वे तकनीक को अपनाएं और कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर दी जा रही जानकारी का लाभ उठाएं।