हाथरस कांड के पांच दिन बाद मायावती का भोले बाबा पर तीखा बयान सामने आया। उनके अलावा पक्ष-विपक्ष की किसी भी पार्टी ने गुरु सूरजपाल जाटव उर्फ भोले बाबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग नहीं की। वजह साफ है-दलित वोट बैंक पर सबकी नजर...इसलिए भोले हैं भोले बाबा।कोई भी पार्टी उस पर हाथ डालकर इस वोट बैंक को नाराज करने का खतरा मोल लेना नहीं चाहती।