शाजापुर में बिजली कटौती का मामला अब जबरदस्त सियासी रंग ले चुका है। हालात ऐसे बने कि भाजपा की सरकार में ही भाजपा विधायक अरुण भीमावत को बिजली विभाग के अधिकारी की सुनना पड़ी, इतना ही नहीं, विधायक का आरोप है कि बिजली अधिकारी ने उन्हें ही “ट्रांसफर करवा देना” तक कह दिया।
मामला जिले के ग्राम बिकलाखेड़ी का है, जहां करीब 21 लाख रुपये के बकाया बिल के कारण बिजली विभाग ने गांव की बिजली काट दी थी। इसी दौरान गांव में शादी का कार्यक्रम था और बारात आने वाली थी। अंधेरे में शादी का संकट खड़ा होने पर ग्रामीण विधायक से मदद मांगने पहुंचे।
विधायक ने बिजली अधिकारी चंद्र शेखर झा से फोन पर एक दिन के लिए बिजली चालू करने का अनुरोध किया, लेकिन विधायक के अनुसार अधिकारी ने साफ शब्दों में कह दिया कि “आप मेरा ट्रांसफर करवा देना”। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
नाराज विधायक अपने समर्थकों के साथ सीधे बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे। वहां कर्मचारियों और विधायक के बीच तीखी बहस और हॉट टॉक हुई।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा के शासन में भाजपा के ही विधायक को बिजली विभाग के कर्मचारियों की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है, जिससे जिले की राजनीति में भी खूब चर्चाएं शुरू हो गई हैं।