कृषि विज्ञान केंद्र शाजापुर में इफको एवं कृषि विज्ञान केंद्र के आपसी तत्वाधान में आज महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम सांपटी अंतर्गत ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हुई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कृषि आधारित उद्योग एवं स्वरोजगार विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के प्रमुख डॉक्टर जी.आर. अंबावतीया द्वारा महिलाओं को औषधीय पौधों की खेती के महत्व एवं आर्थिक लाभ के बारे में जानकारी दी गई तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन की ओर भी अग्रसर होने की आवश्यकता है पर ध्यान केंद्रित किया गया।

केंद्र की महिला वैज्ञानिक डॉक्टर गायत्री वर्मा रावल द्वारा महिलाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार अंतर्गत- आलू चिप्स निर्माण उद्योगसोया दूधएवं पनीर निर्माण उद्योग, दाल मिलमसाला निर्माण उद्योगकेंचुआ खाद उत्पादनहल्दी ,अदरक, लहसुन एवं फसल पर प्रसंस्करण पर विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं को स्वसहायता समूह के माध्यम से प्रोडक्ट तैयार कर उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग के तरीके बताए गए, जिससे महिलाएं अपने घरेलू स्तर पर स्वयं का रोजगार स्थापित कर आय सृजन कर सके तथा आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. धाकड़ द्वारा महिलाओं को कृषि आधारित यंत्रों की जानकारी दी गई। डॉ. डी.के. तिवारी द्वारा महिलाओं को प्राकृतिक खेती के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के आयोजक इफको के जिला संयोजक श्री महेंद्र कुमार पटेल द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए इलेक्ट्रिक पॉपकॉर्न मशीन का भी वितरण किया गया। उद्यानिकी विभाग से श्री सुमित पाटीदार द्वारा महिलाओं को सहजन एवं तुलसी के पौधों का विवरण किया गया। सॉलिडेरिडेड की जिला संयोजक सुश्री नीतू चौहान द्वारा महिलाओं को कृषि आधारित स्मार्ट कृषि एप एक की जानकारी दी गई। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम सांपटी की पांच स्वयं सहायता समूह की लगभग 27 से अधिक महिलाओं ने अपनी सहभागिता दी।  स्व सहायता समूह के संचालक श्री हरिसिंह का विशेष योगदान रहा एवं कार्यक्रम का आभार श्री महेंद्र कुमार पटेल द्वारा माना गया।