अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में डायनासौर स्कल्पचर लोगों की रहा जिज्ञासा का केन्द्र
भोपाल l मेले में आज तीसरे दिन सुबह से हर्बल उत्पादों की खरीदी में लोगों का भारी रूझान दिखाई दिया । ईको टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में डायनासौर स्कल्पचर लोगों की जिज्ञासा का केन्द्र बना रहा। एम.एफ.पी. पार्क द्वारा तैयार किये गये नवीन
उत्पादों को खरीदने एवं इनके उपयोग की जानकारी प्राप्त करने के लिये आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। नरसिंहपुर जिला यूनियन के समिति गाडरवाड़ा की सबई रस्सी एवं दोना पत्तल बनाने की विधि भी आम जन के आकर्षण का केन्द्र रहीं। जिला यूनियन हरदा, बालाघाट द्वारा निर्मित कराये गये बांस के फर्नीचर एवं सजावट के सामानों को भी लोगों द्वारा सराहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की विभिन्न जिला यूनियनों एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों तथा वन-धन केन्द्रों द्वारा जड़ी-बूटियों के मिश्रण से निर्मित की गई जन उपयोगी एवं स्वास्थ्य के लिए हितकर खाद्य सामग्रियों की खरीददारी भी बढ़-चढकर लोगों द्वारा की जा रही है।
खरीदने एवं इनके उपयोग की जानकारी प्राप्त करने के लिये आगंतुकों ने खासी रूचि दिखाई। नरसिंहपुर जिला यूनियन के समिति गाडरवाड़ा की सबई रस्सी एवं दोना पत्तल बनाने की विधि भी आम जन के आकर्षण का केन्द्र रहीं। जिला यूनियन हरदा, बालाघाट द्वारा निर्मित कराये गये बांस के फर्नीचर एवं सजावट के सामानों को भी लोगों द्वारा सराहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की विभिन्न जिला यूनियनों एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों तथा वन-धन केन्द्रों द्वारा जड़ी-बूटियों के मिश्रण से निर्मित की गई जन उपयोगी एवं स्वास्थ्य के लिए हितकर खाद्य सामग्रियों की खरीददारी भी बढ़-चढ़कर लोगों द्वारा की गई ।
आज हुए कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं के फैंसी ड्रेस / सोलो एक्टिंग प्रतियोगिता मे 06 विद्यालयों के लगभग 20 छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतियोगिता में भाग लिया गया। अपरान्ह में श्रीमती सुरेखा कामले द्वारा ध्रुपद गायन, तत्पश्चात् श्री दिलीप धौलपुरे द्वारा कबीर वाणी तथा अपरान्ह 4.30 बजे से जे.के. म्युजिकल ग्रुप द्वारा ऑर्केस्ट्रा की रंगारंग प्रस्तुति के उपरांत सायं 7.00 बजे से विरासत सूफी को म्युजिकल प्रस्तुति का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को संघ की प्रबंध संचालक, डॉ० समीता राजोरा द्वारा पुरूस्कार प्रदान किये गये। निःशुल्क चिकित्सा के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में 105 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्सक़ों एवं परंपरागत वैद्यों द्वारा 250 से अधिक लोगों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया गया। यह ओ.पी.डी. मेला अवधि में निःशुल्क प्रतिदिन की भांति जारी रहेगी ।



