स्कूलों में नामांकन दर को बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट दर को घटाने के लिये किये गये ठोस प्रयास
भोपाल l स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि इस वर्ष शैक्षणिक सत्र में बच्चों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार 'प्रवेशोत्सव' का आयोजन अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही शुरू किया था। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सराहनीय रही है। स्कूलों में कक्षा एक, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। कक्षा 6 में प्रवेश के लिये प्रधानाध्यापक और माध्यमिक शाला में कक्षा 9 में प्रवेश के लिये प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव श्री मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा परिणाम मार्च में घोषित
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कक्षा एक में कुल नामांकन वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में 19.6 प्रतिशत एवं शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत अधिक रहा है। प्रदेश में बच्चों की पढ़ाई शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही हो, इसके लिये कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा के परिणाम मार्च माह में ही घोषित कर दिये गये। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनान्तर्गत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र परिवारों के लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति पूर्णत: ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की गई। पिछले 3 वर्षों में सभी कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है। वर्ष 2024-25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रेकिंग पूर्ण की गई है।
प्रोत्साहन एवं अन्य योजनाएं
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई गईं और उनकी छपाई गुणवत्ता में सुधार किया गया। 94 हजार 300 प्रतिभाशाली बच्चों को लेपटॉप और 7 हजार 800 विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई। पहली बार साइकिल वितरण का कार्य अगस्त माह में ही कर लिया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र से अप्रैल 2026 में ही साइकिल वितरण का कार्य किया जायेगा। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास एवं छात्राओं के सेनिटेशन एवं हाइजीन के लिये डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की गई। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान की तीसरी किश्त के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने वाला देश का तीसरा एवं पहला बड़ा राज्य मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पहली बार अतिथि शिक्षक की व्यवस्था 1 जुलाई को पूर्ण की गई। वर्तमान में 76 हजार 325 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण, शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में किया गया। सरकारी स्कूलों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में भेजा गया।
परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पत्रकार वार्ता में परिवहन विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि सेवाओं को पोर्टल 'वाहन तथा सारथी' के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में विभाग की समस्त सेवाओं को फेसलेस रूप में प्रदान करने वाला मध्यप्रदेश देश में प्रथम राज्य बन गया है। परिवहन विभाग की सेवाओं को ऑनलाइन आवेदन करने की सहायता देने के लिये एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी मान्यता प्रदान की गई है। नागरिक प्रदेश में 1.25 लाख से अधिक सेवा केन्द्रों से परिवहन की सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।



