हरी खाद ढेंचा की खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने की पहल
बालाघाट l कृषि विभाग द्वारा जिले में प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को हरी खाद के रूप में ढेंचा (ढैंचा) की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में लांजी विकासखंड के ग्राम मोहझरी के कृषक श्री पूरनलाल अवसरे के खेत का कृषि विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा श्री अवसरे को हरी खाद के लिए ढेंचा का बीज उपलब्ध कराया गया था। किसान ने इस बीज का उपयोग करते हुए अपने लगभग दो एकड़ क्षेत्र में ढेंचा की बुवाई की। 4 जुलाई को कृषि विस्तार अधिकारी ने खेत का निरीक्षण कर फसल की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ढेंचा की फसल में अच्छी बढ़वार (ग्रोथ) हुई है और पौधे स्वस्थ एवं सघन अवस्था में हैं। अधिकारियों ने इसे हरी खाद की खेती का अच्छा उदाहरण बताते हुए किसान की सराहना की।
कृषि विस्तार अधिकारी ने किसान श्री पूरनलाल अवसरे को ढेंचा की फसल से हरी खाद तैयार करने के साथ-साथ ढेंचा बीज उत्पादन करने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि बीज उत्पादन से किसान को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है, वहीं क्षेत्र के अन्य किसानों को भी गुणवत्तापूर्ण स्थानीय बीज उपलब्ध कराया जा सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि ढेंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद फसल है, जिसे खेत में पलटने से मिट्टी में जैविक पदार्थ एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है। इससे भूमि की उर्वरता, जल धारण क्षमता और मिट्टी की संरचना में सुधार होता है, जिसके परिणामस्वरूप आगामी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलती है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होती है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे हरी खाद की फसलों को अपनाकर मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में योगदान दें तथा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन का अधिक से अधिक लाभ उठाकर टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की ओर कदम बढ़ाएं।


