पड़ोसी बोले हमने बाबा का कोई चमत्कार नहीं देखा

लखनऊ l पुलिसकर्मी से ‘चमत्कारी’ बाबा बनने तक में सामाज से जुड़ाव की बड़ी भूमिका रही। नौकरी छूटने के बाद ये सत्संग करने लगे। सत्संग में आने वालो की परेशानी सुनते। धन की जरूरत बताने पर सत्संग में आए श्रद्धालुओं से चंदा करवाते हुए मदद करते। इससे लोगों की श्रद्धा और अनुयायी बढ़ते गए l पड़ोसी जगदीश चंद्र ने बताया कि 25 साल पहले केदार नगर आवास पर सत्यपाल सिंह सत्संग करने लगे। शुरू में आसपास की महिलाएं आती थीं। चंदा एकत्रित कर मदद करने से घर-घर में पैठ बनती गई। अनुयायी दूरदराज से भी आने लगे। लेकिन मैने कोई चमत्कार नहीं देखा l