बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश में जारी भारी अराजकता के बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। हसीना ने दावा किया कि जिस छात्र विद्रोह के कारण उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी, वह वास्तव में कट्टरपंथियों द्वारा रची गई एक सोची-समझी बगावत थी।

हसीना के मुताबिक, यह कोई शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं बल्कि एक हिंसक भीड़ थी, जिसने पुलिस थानों को जलाया और देश की संपत्ति नष्ट की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश छोड़ना एक कठिन फैसला था, लेकिन उन्होंने और अधिक खून-खराबा रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए ऐसा किया।

हसीना ने मांग की कि 'अवामी लीग' पर से अवैध प्रतिबंध हटाए जाएं और देश में संवैधानिक शासन बहाल कर निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।