भोपाल। टीकमगढ़ जिले के थाना देहात क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित, साहसिक और संवेदनशील कार्यवाही ने आत्महत्या के प्रयास में नदी में कूदे एक 40 वर्षीय व्यक्ति की जान बचाकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। संकट की इस घड़ी में डायल-112 टीम ने जिस सूझबूझ, संयम और तत्परता के साथ कार्य किया, वह समाज में पुलिस के मानवीय और जिम्मेदार चेहरे को उजागर करता है।
दिनांक 19 फरवरी को दोपहर में राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना देहात क्षेत्र अंतर्गत बजरंग खेड़ा पुल के पास एक 40 वर्षीय व्यक्ति पारिवारिक विवाद के कारण आत्महत्या के उद्देश्य से नदी में कूद गया है और तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही देहात थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को बिना विलंब मौके के लिए रवाना किया गया।
डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री लाखन अर्गल एवं पायलट श्री महमूद खान कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। डायल-112 जवानों ने स्थानीय लोगों की सहायता से अत्यंत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए व्यक्ति को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला। तत्पश्चात एफआरव्ही वाहन की मदद से जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ पहुँचाया।
डायल-112 जवानों की इस त्वरित, साहसिक और संवेदनशील कार्यवाही के कारण पीड़ित व्यक्ति की जान बचाई जा सकी। समय पर मिली सहायता ने एक परिवार को टूटने से बचा लिया और यह सिद्ध कर दिया कि डायल-112 संकट की हर घड़ी में आमजन के लिए भरोसे की मजबूत ढाल है।
डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह प्रेरणादायक घटना यह संदेश देती है कि मध्यप्रदेश पुलिस न केवल कानून व्यवस्था की प्रहरी है, बल्कि जीवन रक्षा, संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की सशक्त मिसाल भी है।