नई दिल्ली l केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीमें और प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे के दौरान नियमित रूप से ड्रग्स की तस्करी करते थे। मनी ने शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ का नाम लिया। ये दोनों पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर हैं, जिन पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 2006 में बैन लगाया था, क्योंकि वे प्रतिबंधित पदार्थ 'नैंड्रोलोन' के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। उनके डोप टेस्ट सितंबर 2006 में पॉजिटिव आए थे, जिसके कारण 17 अक्टूबर को जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी मैच से पहले उन्हें पाकिस्तान की टीम से हटा दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि भारत में ड्रग्स भेजना पाकिस्तान की आधिकारिक नीति है। वे जाने-माने लोग हैं। वे हाई-प्रोफाइल लोग हैं। पाकिस्तान टीम के दूसरे लोग भी ऐसे ही थे, जिनके नाम शायद सामने नहीं आए, लेकिन पूरी टीम ऐसी ही थी और वे ऐसा करते थे। मणि ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच बॉब वूल्मर की संदिग्ध मौत को भी ड्रग तस्करी के खिलाफ उनके विरोध से जोड़ा। 2007 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में आयरलैंड से पाकिस्तान की हार के कुछ समय बाद, 18 मार्च 2007 को जमैका के किंग्स्टन में वूल्मर की मौत हो गई थी। वे अपने होटल के कमरे में बेहोश पाए गए थे और बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।मणि ने कहा कि उनके इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर, जिन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों द्वारा की जा रही ड्रग तस्करी का विरोध किया था, की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।