इंदौर l मप्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया(कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त)  के कार्यकाल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संचालनालय से 13 जारी आदेश के अनुसार, अध्यक्ष पद की अवधि तीन वर्ष यानी 14 अप्रेल को समाप्त होने के बाद शासन स्तर से दी गई सुविधाओं को समाप्त माना जाए। इस आदेश पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की सचिव के तौर पर बबीता मरकाम के हस्ताक्षर हैं। करोसिया ने इस आदेश को राज्य शासन की गरिमा पर प्रहार बताते हुए हस्ताक्षर करने वाली अधिकारी के निलंबन के लिए पत्र लिखा है। कोर्ट से स्टे भी ले लिया है।करोसिया के पदभार ग्रहण करने को तीन वर्ष रविवार को पूरे हो गए। आदेश में अंकित अवधि के अनुसार यह समय पूरा हो गया है। इसके बाद भी करोसिया सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं l करोसिया का कहना है कि यह पत्र जारी करने के पीछे शासन की छवि धूमिल करने की मंशा है। किसी का षड्यंत्र है। इस आदेश में वर्ष 2008 का जो हवाला दिया गया है, उसे शासन ने 2017 में खारिज कर दिया था। इसके बाद भी उसी आधार पर पत्र जारी किया गया। फिलहाल यह पत्र प्रभावशील नहीं है, मुझे कोर्ट से स्टे मिला है। जिस अधिकारी ने यह गलती की है, उनके निलंबन के लिए मैंने लिखा है।