दमोह जिले के थाना बटियागढ़ क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता और संवेदनशील कार्यवाही से एक 16 वर्षीय बालिका का बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया। डायल-112 एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त कार्रवाई से बालिका के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकी।

14 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बटियागढ़ अंतर्गत ग्राम घुंघस में एक नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा है। सूचना प्राप्त होते ही दमोह डायल-112 कंट्रोल रूम में पदस्थ महिला आरक्षक विभा तिवारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआरवी टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को भी सूचना दी गई।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री सोनू पटेल एवं पायलट श्री धर्मेंद्र राजपूत ने मौके पर पहुँचकर पाया कि ग्राम घुंघस निवासी 16 वर्षीय बालिका का विवाह परिजनों द्वारा कराया जा रहा था। विवाह की रस्में जारी थीं तथा बारात आने वाली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्काल हस्तक्षेप कर बाल विवाह रुकवाया। इसके बाद मौके पर पहुँची महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।

डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपात सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा कानून के प्रभावी पालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।