कटनी – किसानों की बढ़ती खेती लागत को कम करने और फसलों को संतुलित पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने एक प्रभावी और किफायती विकल्प सुझाया है। उपसंचालक कृषि श्री खेलावन डेहरिया ने बताया कि डीएपी (DAP) उर्वरक के स्थान पर 3 बोरी एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) और 20 किलोग्राम यूरिया का उपयोग कर किसान आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के साथ-साथ उर्वरक खर्च में उल्लेखनीय बचत कर सकते हैं।फसलों को मिलेगा संतुलित और अतिरिक्त पोषण          उपसंचालक कृषि श्री डेहरिया ने बताया कि डीएपी में मुख्यतः 18 प्रतिशत नाइट्रोजन एवं 46 प्रतिशत फॉस्फोरस होता है, जबकि एसएसपी के उपयोग से फसलों को फॉस्फोरस के साथ सल्फर और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण तत्व भी मिलते हैं। ये तत्व जड़ों के बेहतर विकास, पौधों की मजबूती, दानों की गुणवत्ता तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं।लागत में कमी से किसानों को राहत          उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1 बोरी डीएपी की कीमत लगभग 1350 रुपये है। इसके मुकाबले 3 बोरी एसएसपी और 20 किलोग्राम यूरिया के उपयोग से किसानों को करीब 800 रुपये तक की बचत हो सकती है। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।उपयोग का सही तरीका          कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि 20 किलोग्राम यूरिया को बुवाई से लगभग 10 मिनट पहले खेत में समान रूप से छिड़कें, जबकि एसएसपी का उपयोग बीज के साथ या बुवाई के समय करें। इससे फसल को समय पर आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे और बेहतर उत्पादन प्राप्त होगा।