भोपाल l आबकारी नीति के प्रावधानों के चलते प्रदेश में सभी 3553 शराब की सभी दुकानो की बिक्री हो  गई हैं। इन दुकानों से 18676.80 करोड़ कुल रेवेन्यू प्राप्त होगा। यह पिछले साल की सालाना वैल्यू से 12.33% ज़्यादा है। दूसरे सोर्स से अनुमानित इनकम 1775 करोड़ रुपए होगी। यह दुकानों से प्राप्त कुल रेवेन्यू का 9.5% है। इन दुकानों की बिक्री से एक्साइज डिपार्टमेंट से अनुमानित रेवेन्यू कलेक्शन 20481.80 करोड़ रूपये होगा। वित्त विभाग द्वारा   तय टारगेट 20279 करोड़ रुपए है।

उल्लेखनीय है किवर्ष 2026-27 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण एवं संबंधित विषयों पर निर्णय लेने एवं आगामी वर्षों के लिये सुझाव देने मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया गया है।मदिरा दुकानों/ समूहों पर प्राप्त ऑफर पर निर्णय लेने मंत्रि-परिषद समिति की बैठक दिनांक 18-04-2026 को उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर विभाग की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। बैठक में आबकारी विभाग द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के लिये मदिरा दुकानों/ समूहों के मंत्रि-परिषद समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि-

1. दिनांक 18.04.2026 को 24वें चरण में आरक्षित मूल्य से अधिकतम 65 प्रतिशत तककम के ऑफर प्राप्त हुए हैं एवं उक्त दुकानों/समूहों के लिए पूर्व में 10वें चरण (दिनांक 31.03.2026) एवं 11वें चरण (दिनांक 01.04.2026) तथा 21वें चरण (दिनांक 15.04.2026) में प्राप्त ऑफर भी होल्ड पर रखे गये हैं। दुकान/समूह के लिए 24वें चरण में प्राप्त ऑफर और पूर्व से होल्ड ऑफर में प्राप्त मूल्य की तुलना आबकारी नीति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किये जाने और उक्त दोनों में से जो भी उच्च ऑफर है, उसे स्वीकार किया जाता है।

2. 10वें चरण (दिनांक 31.03.2026) एवं 11वें चरण (दिनांक 01.04.2026) तथा 21वें चरण (दिनांक 15.04.2026) में प्राप्त कतिपय ऑफर होल्ड पर रखेजाने के उपरांत कालांतर में स्वीकृत किए गए हैं। टेण्डर ऑफर की टेण्डर अवधि एवं टेण्डर ऑफर स्वीकृत किये जाने के दिनांक/अवधि में भिन्नता होने की स्थिति में इस अवधि की वार्षिक मूल्य में छूट की अनुमति संबंधी राजपत्र की पुनर्निष्पादन संबंधी कण्डिका क्रमांक 38.8 के अनुरूप कलेक्टर को अधिकृत किया जाता है।

3. मदिरा दुकानों के 10वें एवं 11 वें तथा 21 वेंचरण में प्राप्त उच्चतम ऑफर को आगामी चरणके लिए होल्ड पर रखते हुए, निष्पादन से शेष मदिरा दुकानों के लिए ई-टेंडर के माध्यम से ऑफर प्राप्त करने हेतु आगामी चरण में BOQ में न्यूनतम ऑफर का कोई बंधन नहीं रखा जाए।