दो साल बाद पिता से मिला बेटा, अपना घर आश्रम ने कराया पुनर्मिलन

विदिशा। अपना घर आश्रम, विदिशा में गुरुवार को एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब दो वर्षों से लापता युवक का अपने पिता से मिलन हुआ। आश्रम में यह 83वां पुनर्वास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
    जानकारी के अनुसार पप्पू प्रभु (पुत्र चिरौंजीलाल बंजारा), निवासी राहुल नगर, पटना रायसेन मानसिक अस्वस्थता के कारण 4 अप्रैल 2024 से अपने परिवार से बिछड़ गए थे। उस समय उनकी शारीरिक स्थिति बेहद दयनीय थी। आश्रम की रेस्क्यू टीम ने उन्हें लावारिस अवस्था में लाकर अपना घर आश्रम, विदिशा में भर्ती कराया, जहां उनकी सेवा और उपचार किया गया।
उपचार के बाद जब उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ तो उन्होंने अपना पता रायसेन का बताया। 
     इसके बाद आश्रम के सचिव जी.एस. चौहान ने अपने परिचित पत्रकार हरीश मिश्र से संपर्क कर युवक का फोटो और पता साझा किया। मिश्र ने सोशल मीडिया पर अपने मित्रों को फोटो और पता साझा किया। पत्रकार राहुल राठौर एवं जगदीश अहिरवार पप्पू प्रभु को पहचान गए और उन्होंने 
परिजनों से संपर्क कर उन्हें आश्रम में युवक के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर पिता चिरौंजीलाल बंजारा अपने रिश्तेदारों के साथ आश्रम पहुंचे। पहचान और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आश्रम प्रबंधन ने पप्पू प्रभु को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
इस अवसर पर आश्रम के अध्यक्ष डॉ. जी.के. माहेश्वरी, सचिव जी.एस. चौहान, कोषाध्यक्ष घनश्याम डागा, सोहेल अहमद बबलू, दीपक माहेश्वरी सहित आश्रम के सेवा साथी उपस्थित रहे। साथ ही भरतपुर आश्रम की कार्यकारिणी सदस्य एवं दिल्ली में संचालित चार आश्रमों के प्रभारी साबरमल गोयल अपनी धर्मपत्नी के साथ मौजूद रहे।
करीब दो साल बाद पिता-पुत्र का मिलन देख वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।
आश्रम प्रबंधन ने बताया कि अपना घर आश्रम का उद्देश्य लावारिस, अनाथ और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को आश्रय देना, उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ बनाना और फिर उनके परिजनों से मिलाना है। इसी कड़ी में यह 83वां पुनर्वास सफलतापूर्वक पूरा हुआ।