गढ़ाकोटा निवासी डॉ. नीलेश पटेल अपने परिवार के साथ कार से जा रहे थे। जब उनकी कार चना टोरिया टोल प्लाजा के पास पहुंची, तभी अचानक उसमें आग लग गई। चश्मदीदों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि कार सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।हादसे के वक्त कार में डॉ. नीलेश पटेल और दो उनके क्लीनिक के दो कर्मचारी भी सवार थे। जैसे ही लपटें उठीं, डॉ. नीलेश और उनके साथी किसी तरह कार से बाहर निकलने में सफल रहे। लेकिन उनकी पत्नी सीमा पटेल कार के अंदर ही फंसी रह गई। बताया जा रहा है कि आग से कार का दरवाजे लॉक होने की वजह से वह बाहर नहीं निकल सकीं और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। मौके पर मौजूद भीड़ ने आग बुझाने और महिला को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कोईकार के करीब नहीं जा सका। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन तब तक महिला की तड़प-तड़प कर जान जा चुकी थी। मृतका के भाई लोकेश पटेल ने कहा कि अगर यह साधारण हादसा होता, तो मौके पर एक्सीडेंट के स्पष्ट निशान मिलते। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को बेहोशी की हालत में ले जाया जा रहा था या फिर पहले ही उसकी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सानौधा थाने में डॉ. नीलेश पटेल व उनके दो साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला संदिग्ध है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।