भोपाल.. मध्यप्रदेश कौशल विकास संचालनालय द्वारा "कौंशलम प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह 2025" का आयोजन किया गया। जिसमें कौशल उत्कृष्टता, नारी शक्ति और नवाचार का अद्रुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर वर्ष 2025 की आईटीआई परीक्षाओं में असाधारण प्रदर्शन करने वाले 09 राष्ट्रीय स्तर के ट्रेड टॉपर्स, 14 राज्य स्तरीय टॉपर्स, एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री त्रिशा तवडे को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में NCVT परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 10 प्रशिक्षणार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह में प्रशिक्षार्थियों के साथ उनके प्रशिक्षण अधिकारी एवं प्राचार्य को भी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान 2025 से अलंकृत किया गया। आयोजन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री डॉ गौतम टेटवाल सहित विभागीय अधिकारी, आईटीआई संस्थानों के प्राचार्य, प्रशिक्षण अधिकारी सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। 

प्रतिभा प्रोत्साहन में मंत्री डॉ टेटवाल ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता त्रिशा तावड़े का पूजन कर किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान नारी शक्ति का उदाहरण देते हुए मंत्री डॉ गौतम टेटवाल  ने नारी शक्ति का उदाहरण देते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता त्रिशा तंवड़े का सिंदूर के पौधे से पूजन कर अभिनंदन किया। साथी कहा कि नारी सशक्तिकरण समाज को एक नई दिशा दे रहा है। जो हमारे लिए गौरव का विषय है। छात्रों ने विभिन्न ट्रेडों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि कौशल का कोई बंधन नहीं होता और मेहनत समर्पण तथा विश्वास से हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्राप्त की जा सकती है। कौशल विकास संचनालय द्वारा आयोजित यह आयोजन न केवल प्रतिभा और परिश्रम का उत्सव है, बल्कि कौशल के माध्यम से समानता की दिशा में एक सशक्त कदम भी है। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई बैतूल के प्रशिक्षणार्थी कुमारी त्रिशा तंवड़े को विज्ञान भवन नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2025 को आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

आत्मनिर्भरता नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है कौशल- मंत्री डॉ गौतम टेटवाल
आयोजन के दौरान कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा व रोजगार मंत्री श्री डॉक्टर गौतम टेटवाल जी ने कहा कि कौशल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है। आज हमारे प्रशिक्षणार्थी अपने हुनर के माध्यम से न केवल सीमाएं तोड़ रहे हैं, बल्कि समाज में नई संवेदनशीलता और समावेशन का संदेश भी दे रहे हैं।

आईटीआई में लगातार बढ़ रही प्रवेश की संख्या- मंत्री डॉ टेटवाल
मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि वर्ष 2025 में आईटीआई प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष कुल 49133 सीटों पर प्रवेश हुआ जो कि वर्ष 2024 के 42,152 की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। साथ ही महिला आरक्षण 30 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत किया गया। महिला विद्यार्थियों का प्रवेश भी इस वर्ष बढ़कर 12118 हो गए हैं। जो पिछले वर्ष की तुलना में 19% अधिक है। हमारे समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। जहां लगातार प्रदेश में वाले विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।