अधिकमास पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में अत्यंत विशेष और पवित्र स्थान है
हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा होती है। जब पूर्णिमा अधिकमास में आती है, तो इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। इस साल ज्येष्ठ अधिकमास पूर्णिमा 31 मई 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथों जैसे स्कंद पुराण और पद्म पुराण में अधिकमास की पूर्णिमा को “सर्व सिद्धिदायिनी पूर्णिमा” कहा गया है। पंडितों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य और नदी में नहाने का विधान है। इस दिन श्री लक्ष्मी नारायण की पूजा भी होती है। भक्त पूर्णिमा के दिन या एक दिन पहले श्रीसत्यनारायण व्रत भी करते हैं।


