भोपाल - 2026 की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री के इस "राजनैतिक संवाद कक्ष" की हो रही है ।
जब भी कोई नेता सार्वजनिक रूप से भारतीय जनता पार्टी  की मर्यादा रेखा लांघता है, तो उसे संवाद के लिए मुख्यमंत्री के इसी कक्ष में बुलाया जाता है। 
    मुलाकात समाप्त होती है और बाहर निकलते ही नेता जी के तेवर, बयान और राजनीतिक सुर बदले हुए नज़र आते हैं।
    चाहे चर्चा प्रीतम लोधी की हो या नरोत्तम मिश्रा की, ऐसी मुलाकातों के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगती रहती हैं।
आख़िर उन बंद कमरों में ऐसा क्या होता है कि बाहर निकलते ही सुर बदल जाते हैं ?
    यह जिज्ञासा जनता के मन में है, लेकिन उन कमरों की बातचीत सार्वजनिक नहीं होती। इसलिए जवाब कम और कयास ज़्यादा लगाई जाते हैं।

Harish Mishra Raisen