जबलपुर l संघमित्र पर राजनीति से वरिष्ठ कांग्रेस नेता सांसद विवेक तन्खा ने आपत्ति जताई , उन्होंने कहा की वाद-विवाद प्रतियोगिता छात्रों की प्रतिभा, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास का मंच होती है। इसमें प्रतिभागी कभी पक्ष रखते हैं तो कभी विपक्ष। इसी क्रम में इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव जी के पुत्र संघमित्र ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए अपनी वक्तृत्व कला का प्रदर्शन किया। लेकिन खेदजनक है कि उनके वक्तव्य को राजनीतिक चश्मे से देखा गया और उन्हें ट्रोल का शिकार बनाया गया। संघमित्र ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना भाषण दिया जो की उनका पक्ष था, राजनीति का स्तर इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए कि बच्चों की मासूम प्रतिभा भी उसकी भेंट चढ़े। यह न केवल युवा के आत्मविश्वास को तोड़ने का प्रयास है बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है l सकारात्मक पहल यह रही कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघमित्र की प्रतिभा की सराहना की और मार्गदर्शन दिया। सच्ची प्रतिभा को राजनीति के तराजू में नहीं तोला जाना चाहिए। हमें अपने युवाओं का मनोबल बढ़ाना चाहिए, गिराना नहीं।