कृषि उपजों के जहरीलेपन को दूर करने के लिए अपनाएँ जैविक खेती

बड़वानी /वोकेशनल कोर्स जैविक खेती के प्रशिक्षण, सीसीई और प्रेक्टिकल की करियर सेल की व्यवस्था उत्कृष्ट और उल्लेखनीय है. जैविक खेती का ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी को होना जरुरी है. हमारा देश कृषि प्रधान देश है. कृषि ने ही हमें आत्मनिर्भर बनाया है. जहरीले रसायनों और उर्वरकों का खेती में बढ़ता उपयोग बहुत नुकसानदायक है. अन्न और अन्य कृषि उपज जहरीली हो रही है. कीटनाशकों का बार-बार छिड़काव सब्जियों, फलों आदि को जहर से युक्त बना रहा है. इसका विकल्प है जैविक खेती. यह आज की सबसे बड़ी जरूरत है. हम सभी कृषि उपज का उपभोग करते हैं, अतः हम सभी को जागरूक होकर जैविक खेती को प्रोत्साहित करना चाहिए. ये बातें प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानन्द करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा दिए जा रहे वोकेशनल कोर्स जैविक खेती के प्रशिक्षण सत्र में वनस्पति विज्ञान के प्रो. डॉ. राजमल सिंह राव ने कहीं. यह प्रशिक्षण प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में दिया जा रहा है. रोचक ढंग से जोड़ रहे हैं युवाओं को डॉ. राव ने कहा कि करियर सेल युवाओं को रोचक ढंग से जैविक खेती से जोड़ रहा है. पोस्टर्स, मॉडल्स आदि विद्यार्थियों से तैयार करवाए जा रहे हैं. इससे विद्यार्थी जैविक खेती के हर पहलु से रूबरू हो रहे हैं. उन्होंने जैविक खेती की कांसेप्ट पर चर्चा करते हुए कहा कि इसको रोजगार के स्रोत के रूप में अपनाइए. यहाँ प्रशिक्षण लेकर अपनी पारिवारिक कृषि में जैविक संसाधनों का उपयोग कीजिये. प्रशिक्षण करियर सेल की टीम के सदस्यों वर्षा मुजाल्दे, संजू डूडवे, बादल धनगर, अरविन्द सोलंकी, रीना चौहान, निर्मला डावर, दिव्या जमरे, भोला बामनिया एवं डॉ. मधुसूदन चौबे द्वारा दिया जा रहा है।