छिंदवाड़ा । मध्यप्रदेश शासन वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप मे किसान हित में लगातार कार्य कर रही है कलेक्टर छिंदवाड़ा श्री हरेंद्र नारायण के मार्गदर्शन में ज़िले के किसानों द्वारा लगातार नित नये नवाचार करके अपनी आय को बढ़ा रहे हैं । इसका एक अनुकरणीय उदाहरण छिंदवाड़ा ज़िले के मोहखेड़ ब्लॉक के ग्राम भुताई के युवा किसान श्री कैलाश पवार जो केवल दसवीं तक पढ़े हैं लेकिन प्रदेश का पहला नवाचार एक एकड़ में गोल्डन बेरी एवम रस बेरी लगाकर किया है । प्रदेश में पहली वार गोल्डन बेरी एवम रस बेरी की खेती इस युवा किसान द्वारा पॉली हाउस में की गई है जिले के इस नवाचार को देखने जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक कृषि श्री केएस नेताम उपसंचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह के साथ उपसंचालक कृषि जबलपुर श्री एसके निगम कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ आरएल राउत एसडीओ नीलकंठ पटवारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मोहखेड़ श्री डीएस घाघरे सहित कृषि विभाग उद्यानिकी विभाग की टीम ने किया । किसान द्वारा बताया गया कि एक एकड़ के लिये गोल्डन बेरी एवम रस बेरी के पौधे पुणे महाबलेश्वर से लाकर ज़िले में पहली वार नवाचार किया अभी गोल्डन बेरी दो सौ रुपये प्रति किलो की दर से नागपुर एवम रायपुर का रहा है जिससे एक एकड़ से लगभग तीन लाख रुपए का लाभ मिलना संभावित है साथ ही रस बेरी जो दो हज़ार रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहा है उससे प्रति एकड़ पाँच लाख रुपये का मुनाफा मिलना अनुमानित है । दसवीं तक पढ़े चौआलिस वर्षीय किसान कैलास पवार  की पहचान ज़िले के सबसे नवाचारी किसान के रूप में की जाती है जिन्होंने पिछले वर्ष पहली वार 6 एकड़ में स्ट्रॉ बेरी की खेती कर लगभग पैंतीस लाख का शुद्ध मुनाफा कमाया था । कैलाश पवार इस वर्ष 18 एकड़ में जी-9 केले का नवाचार भी किया है जिसको भी टीम ने निरीक्षण किया केले से प्रति एकड़ दो से तीन लाख रुपए मुनाफा मिलने की संभावना है वर्तमान रेट के अनुसार साथ ही साथ इस वर्ष भी 6 एकड़ में स्ट्रॉ बेरी की फसल तैयार की गई है जिससे प्रति एकड़ पाँच लाख का मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं । श्री कैलाश पवार जैसे युवा किसान ज़िले एवम प्रदेश के अन्य किसानों के लिए प्रेरणाश्रोत हैं ।