विदिशा। विदिशा जिले के ग्राम बेरखेड़ी जैतू में आज कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) का भूमिपूजन  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  ने विधिवत पूजन-अर्चन कर कृषि विज्ञान केन्द्र के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  श्री ऐदल सिंह कंषाना व विदिशा संसदीय क्षेत्र के विधायकगणों के साथ साथ अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक समेत केन्द्र व प्रदेश के कृषि विभाग से संबंधित अधिकारियो के अलावा तथा बड़ी संख्या में कृषकगणो के अलावा अन्य मौजूद रहे।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए

प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से हरसंभव प्रयास कर रही हैं। इस दिशा में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं।

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की आवश्यकता है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी रुचि एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक आजीविका गतिविधियों का चयन करें। शासन द्वारा इन क्षेत्रों में तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सके।

श्री कंषाना ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए मिट्टी परीक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए 259 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही हैं, जहां किसान अपनी भूमि की मिट्टी का परीक्षण करवा सकते हैं। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उर्वरकों एवं पोषक तत्वों का निर्धारित मात्रा में उपयोग करने से खेती की लागत कम होती है तथा उत्पादन में वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं। राज्य सरकार किसानों को जागरूक करने, नई तकनीकों से जोड़ने और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। कृषि, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन जैसे विविध क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और प्रदेश को कृषि विकास के नए आयामों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु का कार्य करते हैं। यहां किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज, नवीन कृषि तकनीकों, फसल संरक्षण, जैविक खेती तथा कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि करना है।

श्री चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र के स्थापित होने से विदिशा जिले के किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर प्राप्त होगा। इससे नई तकनीकों का तेजी से प्रसार होगा और किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ा सकेंगे। उन्होंने किसानों से खेती में नवाचारों को अपनाने और वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया।

 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा के बेरखेड़ी जैतूमें किसानों की अनूठी ‘पाठशाला’ लगाकर खेती बदलने का बड़ा संकल्प सामने रखा। यहाँ औपचारिक सभा और लंबे स्वागत भाषणों की जगह शिवराज सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वैज्ञानिकों की उपस्थिति में सीधे खेत और किसान पर फोकस रहा, जहाँ मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र के शिलान्यास के साथ विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास के लिए वैज्ञानिक खेती का रोडमैप, ‘खेत बचाओ अभियान’ और आधुनिक मशीनरी–इनोवेशन की पूरी श्रृंखला लॉन्च की गई। किसान भाइयों–बहनों से सहज, बोलचाल की भाषा में संवाद करते हुए शिवराज मास्साब ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि खेती की क्लास है, जहाँ ढाई एकड़ जमीन वाले छोटे किसान को भी इंटीग्रेटेड फार्मिंग, संतुलित खाद, अच्छी मिट्टी और अच्छी तकनीक के सहारे सम्मानजनक आजीविका दिलाने का संकल्प है।

 

विदिशा में किसानों की पाठशाला

 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरुआत में ही साफ कर दिया कि यह कार्यक्रम भीड़ जुटाने या भाषण देने के लिए नहीं, बल्कि किसानों की ट्रेनिंग के लिए है। उन्होंने मीडिया को भी बताया कि यहाँ आए किसान किसी बस या गाड़ी से भरकर नहीं लाए गए, जो सीखना चाहता है वह अपने साधन से आया है, इसलिए मंचीय औपचारिकताओं की जगह सीधी क्लास होगी। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यहाँ बैठे हर किसान को विद्यार्थी माना जाए, जिनके लिए वैज्ञानिक अपनी बात सीमित शब्दों में रखेंगे और फिर सीधे खेत में ले जाकर मशीनों और नई तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा।

 

मॉडल KVK: 49 एकड़ की जीवंत प्रयोगशाला

 

बेरखेड़ी जट्टू में बनने वाला यह कृषि विज्ञान केंद्र 49 एकड़ जमीन पर देश का मॉडल KVK होगा, जहाँ इसी खरीफ सीजन से प्रदर्शन प्लॉटों पर आधुनिक तरीके से खेती शुरू होगी। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि बिल्डिंग का इंतजार किए बिना खेत पर काम तुरंत शुरू होगा– किसान को आँखों से दिखाकर सिखाया जाएगा, सिर्फ सुनाकर नहीं। इस KVK से ICAR के 113 संस्थानों और 1700 से अधिक KVK–संस्थानों के नेटवर्क की रिसर्च सीधे विदिशा–अंचल के किसानों तक मोबाइल, डेमो और प्रशिक्षण के जरिए पहुंचाई जाएगी।

 

वैज्ञानिक खेती का रोडमैप: ढाई एकड़ में सम्मानजनक आमदनी

 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जमीनें बँट–बँटकर छोटी हो गई हैं, लेकिन ढाई एकड़ (एक हेक्टेयर) में भी अगर इंटीग्रेटेड फार्मिंग ठीक से की जाए तो पूरे परिवार की आजीविका आराम से चल सकती है। इसके लिए विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों की मिट्टी, पानी और संसाधनों का वैज्ञानिक विश्लेषण करके फसल–पद्धति का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसकी ट्रेनिंग इसी KVK से दी जाएगी। खेत में मॉडल फार्म बना कर दिखाया जाएगा कि एक ही टुकड़े में अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी, पशुपालन, मछली–पालन, मधुमक्खी–पालन और मशरूम तक जोड़कर कैसे अधिकतम लाभ कमाया जा सकता है।

 

‘खेत बचाओ अभियान’: कम खाद, सही खाद, सही सलाह

 

शिवराज सिंह चौहान ने अपने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का विस्तार करते हुए विदिशा में किसानों से धरती माँ को बचाने की भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि बिना मिट्टी की जांच किए अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशक डालने से धरती की उर्वरा शक्ति खत्म हो जाएगी, इसलिए हर किसान के खेत की मिट्टी की जांच और ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ अभियान तेज किया जाएगा। खेती में संतुलित खाद के साथ प्राकृतिक और जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जहाँ किसान कम–से–कम आधा एकड़ में वैज्ञानिक तरीके से प्राकृतिक खेती की कोशिश करें ताकि उत्पादन घटे बिना मिट्टी की सेहत सुधरे।

 

एग्री क्लीनिक, हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप से खेत–खेत पर सलाह

 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने घोषणा की कि विदिशा के इस मॉडल KVK में ‘एग्री क्लीनिक’ यानी फसल का अस्पताल बनाया जाएगा, जहाँ किसान पौधा, पत्ता या मिट्टी का नमूना लेकर आएँगे और वैज्ञानिक बीमारी पहचानकर तुरंत उपचार बताएँगे। साथ ही, 155261 जैसे भारत विस्तार–किसान सारथी नंबर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को फोन पर भी तुरंत सलाह दी जाएगी– पत्ते पीले पड़ने से लेकर इल्ली लगने तक हर समस्या पर। शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि एक मोबाइल ऐप के जरिए खेत में घूमते–घूमते ही पता चल सकेगा कि मिट्टी में कौन–कौन से पोषक तत्व हैं और कितनी DAP और यूरिया की जरूरत है, जिसका लाइव प्रदर्शन वह खुद खेत में जाकर करेंगे।

 

नकली खाद–बीज पर सख्ती, अच्छा बीज–अच्छी नर्सरी की गारंटी

 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता नकली खाद, कीटनाशक और बीज को लेकर साफ कहा कि जो भी किसानों के साथ धोखा करेगा, उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने किसानों से पक्का बिल लेने, QR कोड से प्रामाणिकता जांचने और नकली माल की शिकायत तुरंत करने की अपील की, साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि विदिशा KVK में अच्छा बीज तैयार करने, गुणवत्तापूर्ण फल–सब्जी की नर्सरी विकसित करने और बीज के सही चुनाव–बीज उपचार की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था होगी ताकि किसान ठगी से बचे और अच्छी फसल ले सके।

 

मशीन बैंक और आधुनिक उपकरण: हर खेत तक तकनीक

 

शिवराज सिंह चौहान ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और मशीन बैंक की घोषणा की, जहाँ लेज़र लेवलर, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) मशीन, ड्रिप–स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक मशीनें किराए पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि हर किसान के बस की बात नहीं कि वह हर मशीन खरीद सके, इसलिए KVK में मशीनें रखी जाएँगी– किसान जरूरत के मुताबिक नाममात्र का किराया देकर इस्तेमाल कर सकेगा और वापस जमा कर देगा। कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए धान की डायरेक्ट सीडिंग, माइक्रो इरिगेशन और लेज़र लेवलिंग के लाइव डेमो आज के कार्यक्रम के बाद खेतों में दिखाए जाएँगे, ताकि किसान खुद देख–समझकर तकनीक अपनाएँ।

 

वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट

 

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ने टमाटर, सब्जियों और फलों के दाम में उतार–चढ़ाव की समस्या पर बात करते हुए कहा कि केवल कच्चा माल बेचकर किसान को नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए यहाँ वैल्यू एडिशन और फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। KVK के जरिए टमाटर, सब्जी, फल, अनाज आदि से प्रसंस्कृत उत्पाद बनाने की तकनीक, पैकेजिंग और मार्केट से जुड़ने तक की राह दिखाकर युवाओं को कृषि–आधारित स्टार्टअप की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा। मशरूम उत्पादन, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन, डेयरी जैसी गतिविधियों के लिए भी कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रम चलेंगे, ताकि गाँव के नौजवान खेत से जुड़कर ही अच्छी आजीविका बना सकें।

 

दलहन–तिलहन मिशन और MSP पर खरीदी

 

शिवराज सिंह चौहान ने दालों और तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को तेज करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि चना, अरहर, मसूर, उड़द जैसी दालों के साथ–साथ तिल सहित तिलहन की खेती बढ़ाने के लिए किसानों को अच्छे बीज निःशुल्क प्रदर्शन प्लॉटों के लिए दिए जाएँगे और क्लस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। शिवराज सिंह ने भरोसा दिलाया कि किसान जितना दलहन (तुअर, उड़द और मसूर) पैदा करेगा, उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और जहाँ उत्पादन अधिक होगा, वहाँ दाल मिल लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

 

किसानों से भावनात्मक अपील और जन–आंदोलन की दिशा

 

कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से हाथ उठाकर संकल्प दिलवाया कि वे धरती माँ को बचाने, संतुलित खाद के उपयोग और अगली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने का वादा करें। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन–आंदोलन है, जिसमें वैज्ञानिक, KVK, ICAR, राज्य सरकारें, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, FPO और किसान संगठन मिलकर काम करेंगे।

 

खुद को ‘बंजारे की तरह गाँव–गाँव किसानों को जगाने वाला’ बताते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक सांस चलेगी, वे खेती और किसान की जिंदगी बदलने के लिए देशभर में इसी तरह क्लास लेते रहेंगे और विदिशा का यह मॉडल KVK पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा। इस अवसर पर किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरण भी किया गया।

 

कार्यक्रम को विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, ने संबोधित किया कार्यक्रम में बासौदा विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी, कुरवाई विधायक श्री हरी सप्रे, सिरोंज विधायक श्री उमाकांत शर्मा, बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, विधायक श्री सुरेंद्र पटवा, श्री आशीष शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जबकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एवं डेयर के सचिव डॉ. मांगीलाल जाट तथा CII के श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी, धानुका के श्री आर.सी. अग्रवाल, इफको के डॉ. योगेंद्र कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित किया सहित अनेक वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और ICAR एवं कृषि विभाग के अधिकारी इस महत्वपूर्ण किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।