भोपाल। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित करना किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह वर्ष केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने की निरंतर प्रक्रिया है।कृषक कल्याण वर्ष–2026 के शुभारंभ कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि किसान वह अन्नदाता है, जिसकी मेहनत से देश का हर नागरिक पोषित होता है। जब पूरा समाज कठिन मौसम से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर होता है, तब किसान खेतों में खड़ा होकर देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। किसानों की मेहनत और त्याग को सम्मान देना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक किसान आत्मनिर्भर नहीं बनेगा, तब तक देश पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। इसी सोच के साथ राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने और उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
कृषि मंत्री ने भावांतर भुगतान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के माध्यम से लाखों किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिला है। अब तक लगभग सात लाख किसानों के खातों में करीब 1300 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है और शेष किसानों को भी शीघ्र भुगतान किया जाएगा। यह योजना पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरी है।
श्री कंषाना ने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को रसायन मुक्त और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के बेहतर दाम भी मिलेंगे। इसी उद्देश्य से प्रदेश में श्रीअन्न, सरसों और चना अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिससे कृषि अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि किसानों को मंडी तक पारदर्शी और आसान पहुंच देने के लिए प्रदेश में ई-मंडी योजना लागू की गई है और आने वाले वर्षों में सभी मंडियों को आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही खाद की कालाबाजारी और अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए ई-विकास प्रणाली के तहत ऑनलाइन खाद बुकिंग और होम डिलीवरी की सुविधा शुरू की जा रही है।
कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने विश्वास व्यक्त किया कि कृषक कल्याण वर्ष–2026 से मध्यप्रदेश का किसान सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेगा। यह पहल प्रदेश को न केवल देश का अग्रणी कृषि राज्य बनाएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाएगी।
प्रदेश के सभी किसान भाइयों एवं बहनों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया और कहा कि सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।