खरीफ 2026 के लिए जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता किसानों को ज़रूरत के मुताबिक मिलेगी पर्याप्त खाद
कटनी - खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी व्यवस्थाएं की गई हैं। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उप संचालक कृषि को निर्देशित किया है कि जिले में उर्वरकों का वितरण केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए।जिले में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध ई-विकास पोर्टल के अनुसार वर्तमान में जिले में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिले में यूरिया 13,414 मीट्रिक टन, डीएपी 887 मीट्रिक टन, एनपीके 5,089 मीट्रिक टन, एसएसपी 10,890 मीट्रिक टन तथा म्यूरेट ऑफ पोटाश 255 मीट्रिक टन उपलब्ध है, जिससे खरीफ फसलों की आवश्यकता आसानी से पूरी की जा सकेगी।ई-टोकन प्रणाली से पारदर्शी वितरण ई-विकास प्रणाली के तहत किसानों को उनकी भूमि (खसरा नंबर) एवं बोई गई फसल के आधार पर सॉफ्टवेयर द्वारा उर्वरकों की मात्रा निर्धारित की जाएगी। यह व्यवस्था अनावश्यक भंडारण और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी। किसान घर बैठे पोर्टल के माध्यम से विभिन्न केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।यहां से प्राप्त कर सकते हैं ई-टोकन किसान अपनी सुविधा अनुसार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डबल लॉक केंद्रों, निजी विक्रेताओं, एमपी ऑनलाइन कियोस्क तथा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई सहकारी समिति या निजी विक्रेता बिना ई-टोकन के उर्वरक का विक्रय करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग की अपील जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मिट्टी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए संतुलित उर्वरकों का ही उपयोग करें। अनावश्यक खाद का प्रयोग न केवल उत्पादन लागत बढ़ाता है, बल्कि भूमि की उर्वरक क्षमता को भी प्रभावित करता है।


