मशरूम उत्पादन को मिलेगा नया विस्तार, समूह और पायलट मशरूम फार्म कंपनी के बीच हुआ अनुबंध
मंडला l महिलाओं की आय बढ़ाने और जिले में मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीएमटीसी बिछिया में स्व-सहायता समूह की दीदियों एवं पायलट मशरूम फार्म कंपनी के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अनुबंध के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाएं मशरूम का उत्पादन करेंगी तथा कंपनी उनकी उपज उचित मूल्य पर खरीदेगी। साथ ही कंपनी प्रशिक्षण, बीज एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने कहा कि यह अनुबंध महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि स्व-सहायता समूह की दीदियाँ आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनें तथा मशरूम उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि महिलाएं सीसीएल के माध्यम से ऋण प्राप्त कर मशरूम उत्पादन शुरू कर सकेंगी तथा प्रत्येक किसान की उत्पादन क्षमता के अनुसार अनुबंध किया जाएगा। एसडीएम बिछिया श्रीमती सोनाली देव ने बताया कि इस पहल के लिए बिछिया विकासखंड के 10 गांवों के लगभग 5,000 किसानों तथा मवई विकासखंड के 1,500 किसानों को चिन्हित किया गया है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को आजीविका का नया अवसर मिलेगा। पायलट मशरूम फार्म के प्रतिनिधि श्री अनंत इखर ने बताया कि उनकी संस्था किसानों एवं महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देगी, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएगी तथा तैयार उपज को उचित मूल्य पर खरीदेगी। उन्होंने बताया कि यदि पहली बार उत्पादन में किसी कारणवश नुकसान होता है तो संस्था पुनः उतनी ही मात्रा में बीज उपलब्ध कराएगी, ताकि किसान बिना हिचक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी संस्था मशरूम से ग्रीन टी एवं विभिन्न संरक्षित खाद्य उत्पाद भी तैयार करती है। प्रशिक्षक श्री मनोज धूमकेती ने मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी देते हुए कहा कि वे स्वयं पिछले चार वर्षों से मशरूम उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं तथा अब अन्य किसानों और महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। दीदी श्रीमती सोनिया मरावी ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक रूप से उल्लेखनीय प्रगति की है और आज वे तीन ट्रैक्टर तथा दो थ्रेसर की स्वामिनी हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले भी मशरूम की खेती कर लाभ कमा चुकी हैं और अब अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं। श्रीमती सोमती धुर्वे ने बताया कि उन्होंने आठ बैग में मशरूम उत्पादन किया था, जिसमें लगभग 8 हजार रुपये की लागत पर 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीना, जिला परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम श्री बीडी भैंसारे, सीईओ जनपद पंचायत श्री भागचंद टिमरिया, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार आदि अधिकारी उपस्थित थे।


