विदिशा। मलेरिया निरोधक माह के अंतर्गत जिले में मच्छरजनित रोगों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को विदिशा विकासखंड के ग्राम बेरखेड़ी जेतू से मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

 

  कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री मुकेश टंडन ने रथ को रवाना करते हुए आमजन से मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष श्री राकेश सिंह जादौन, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बताया गया कि मलेरिया जागरूकता रथ जिले के सभी विकासखंडों के हाई रिस्क ग्रामों में भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। साथ ही लोगों को अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जलभराव को रोकने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता रथ केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भ्रमण के दौरान बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की मौके पर जांच की जाएगी तथा मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को तत्काल निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचाव के लिए मच्छरदानी का नियमित उपयोग, घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना तथा पानी को जमा नहीं होने देना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं आशा कार्यकर्ताओं के पास मलेरिया जांच की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है। नागरिक इन सेवाओं का लाभ उठाकर समय पर जांच और उपचार प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

मलेरिया निरोधक माह के तहत संचालित यह जागरूकता अभियान जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।