सिवनी l होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा 2 से 8 जुलाई 2026 तक आयोजित सात दिवसीय सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स प्रशिक्षण शिविर में एक ऐसी सीख दी गई, जिसने कुछ ही दिनों बाद एक बड़ी दुर्घटना को टालने में अहम भूमिका निभाई। आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा पर केंद्रित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य वॉलंटियर्स को आपात स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई के लिए तैयार करना था। शिविर के दौरान 4 जुलाई को प्रतिभागियों को बेसिक फायर साइंस और फायर फाइटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आग लगने की स्थिति में अग्निशमन यंत्रों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सहित कई तकनीकों का अभ्यास कराया गया। उस समय यह प्रशिक्षण केवल एक अभ्यास जैसा लगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसकी असली उपयोगिता सामने आ गई। 7 जुलाई 2026 को सिविल अस्पताल बरघाट की लेखा शाखा में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया जाता, तो आग तेजी से फैलकर पूरे अस्पताल परिसर के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती थी। उसी समय अस्पताल में आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों के सुपरवाइजर और प्रशिक्षण शिविर के प्रतिभागी श्री महेश बिसेन मौजूद थे। उन्होंने घबराने के बजाय प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को तुरंत अमल में लाया। उन्होंने अग्निशमन यंत्र का सही उपयोग करते हुए आग पर प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी नियंत्रण पा लिया। उनकी सूझबूझ, तत्परता और साहसिक निर्णय ने एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। श्री महेश बिसेन की इस सराहनीय और साहसिक कार्रवाई की प्रशासन ने भी खुले दिल से प्रशंसा की। 8 जुलाई 2026 को प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की उपस्थिति में उन्हें प्रशस्ति पत्र और 5,000 रुपये पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि श्री बिसेन ने यह साबित कर दिया है कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होता है, जब संकट की घड़ी में उसका सही उपयोग किया जाए।