अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंत्री जी के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ l बिजली अभियंताओं एवं कार्मिकों ने ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन पर अभियंताओं का विश्वास खोने का आरोप लगाया। बात इतनी आगे बढ़ चुकी है कि अभियंताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वह खुद ऊर्जा विभाग संभालें। निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करें, ताकि दोगुने उत्साह से कार्मिक बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारें। निजीकरण के विरोध में अब तक चले आंदोलन की समीक्षा की गई। तय किया गया कि निजीकरण का विरोध चलता रहेगा। निजीकरण प्रस्ताव रद्द करें, जिससे बिजली कर्मी दोगुनी गति से उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाएं। ऊर्जा विभाग में शीर्ष पदों पर बैठे लोग सांविधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए वितरण निगमों को असफल बता रहे हैं। इसके पीछे मूल कारण निजीकरण है। ऐसे लोगों को खुद त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्ष समिति के साथ लिखित समझौता कर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मुकर चुके हैं। वह बिजली कर्मियों का विश्वास पहले ही खो चुके हैं। अब ऊर्जा मंत्री और पाॅवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष के बीच घमासान है। उन दोनों की लड़ाई में आम जनता पिस रही है।



