खजुराहो नृत्य महोत्सव के पहले ही दिन महोत्सव के मंच पर जब प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भाषण देने खड़े हुए, तो दर्शक दीर्घा में बैठे देसी-विदेशी पर्यटकों का धैर्य जवाब दे गया। दरअसल, कार्यक्रम शुरू होने का समय शाम 6:30 बजे तय था, लेकिन मुख्य अतिथि और मंत्रियों के दो घंटे की देरी से पहुंचने के कारण समारोह देरी से शुरू हुआ। ऐसे में पर्यटकों का गुस्सा भी देखने को मिला ऐसे में पर्यटक अपनी कुर्सी छोड़कर मंत्री से बाहर जाने के लिए नारे लगाने लगे हालांकि काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका

जब संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण शुरू हुआ, तो दर्शक बुरी तरह भड़क गए। पर्यटकों को कला और नृत्य का इंतजार था, लेकिन नेताओं के लंबे भाषणों ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया। देखते ही देखते सामने बैठी भीड़ 'गो बैक' के नारे लगाने लगी और चारों तरफ से 'हो-हो' का शोर सुनाई देने लगा।

  दर्शकों की पीड़ा समझते हुए उन्होंने मंच से यह तो स्वीकार किया कि लोग कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिर भी बिना अपनी कविता सुनाए और जयकारे लगवाए वे मंच से नीचे नहीं उतरे।

खजुराहो के इस भव्य आयोजन में पहले ही दिन हुए इस घटनाक्रम ने व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दूर-दराज से आए पर्यटक कला देखने के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे, जबकि मंच से सियासी भाषणों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा था।